सरगुजा संभाग में एक गंभीर मुद्दा सामने आया है, जहां कुछ लोग चैनल के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये लूट रहे हैं। यह मामला न केवल पत्रकारिता की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे कुछ लोग सरकारी रजिस्ट्रेशन का दुरुपयोग कर रहे हैं।
चैनल के नाम पर लूट
कुछ लोग चैनल के नाम पर नववर्ष और राष्ट्रीय त्यौहार के नाम पर पुस्तिका और कैलेंडर बड़े-बड़े छापकर लोगों से करोड़ों रुपये लूट रहे हैं। यहां तक कि, चैनल के स्वामी और संचालक को संपादक लिखने का अधिकार नहीं है, लेकिन सरगुजा संभाग में एक ही व्यक्ति भारत सरकार का एक ही रजिस्ट्रेशन पर तीन अलग-अलग कामों में उपयोग ले रहा है। जिला जन सम्पर्क अधिकारी और कलेक्टर को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन वे मौन क्यों ? जबकि सरकारी रजिस्ट्रेशन का दुरुपयोग एक गंभीर अपराध है और इसके लिए कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं सरगुजा संभाग में पत्रकारिता के नाम पर कुछ लोगों द्वारा किए जा रहे कार्यों ने चिंता बढ़ा दी है। कुछ लोग चैनलों के नाम से पुस्तिकाएं और कैलेंडर छापकर लोगों से अवैध वसूली कर रहे हैं, जो न केवल पत्रकारिता की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे कुछ लोग सरकारी रजिस्ट्रेशन का दुरुपयोग कर रहे हैं। इन लोगों के पास आय से अधिक संपत्ति पाई जा सकती है, जो कि उनकी अवैध गतिविधियों का संकेत देते है। और ये लोग अधिकारियों पर माइक का धौंस देकर पैसा निकालते हैं। इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है ताकि इन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। और इन लोगों पर धारा 316 के तहत कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही आय से अधिक संपत्ति की जांच करने की भी मांग की गई है। इन लोगों के खिलाफ वीडियो और दस्तावेज जैसे प्रमाण प्रस्तुत किए गए हैं। जिसका सभी दस्तावेज पंजीयक कार्यालय दिल्ली और भारतीय प्रेस परिषद में भेजे गए हैं। अब देखना यह होगा कि छत्तीसगढ़ संचालक जनसंपर्क एवं उच्च अधिकारी जांच के निर्देश देते हैं और आय से अधिक संपत्ति की जांच कराते हैं या नहीं। इसकी विस्तार से जानकारी आगे दिया जायेगा।……….



