Report Nilesh Soni
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के दूरस्थ गांवों में विद्युतीकरण कार्य तेज करने के निर्देश
सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जल जीवन मिशन एवं ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं में गंभीर लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की गई। बैठक में दिनांक 22 अक्टूबर 2024 के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में हुई अनियमितताओं और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए दोषी अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही गई। विभागीय जानकारी के अनुसार 12 समूह जल प्रदाय योजनाओं के अनुबंध निरस्त किए गए हैं। इसके अलावा एक मुख्य अभियंता को निलंबित किया गया तथा 19 कार्यपालन अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। जांच में दोषी पाए गए 8 कार्यपालन अभियंताओं को निलंबित कर विभागीय जांच प्रारंभ की गई है। वहीं एक अनुविभागीय अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
बैठक में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड के 45 गांवों में विद्युतीकरण कार्य की समीक्षा भी की गई। प्राधिकरण द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत इन गांवों में यथाशीघ्र बिजली पहुंचाने के निर्देश दिए गए। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार ऑफ ग्रिड क्षेत्र के 47 गांवों में से 21 गांव गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षित क्षेत्र में स्थित हैं, जबकि 8 गांव घने वन क्षेत्रों में होने के कारण सामान्य प्रक्रिया से ग्रिड आधारित विद्युतीकरण संभव नहीं है।

बताया गया कि सामान्य वन क्षेत्र के 18 गांवों में से 7 गांवों का ग्रिड आधारित विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 3 गांवों में कार्य प्रगति पर है। शेष गांवों में सर्वे कार्य जारी है। तकनीकी परीक्षण और बजट स्वीकृति के बाद मुख्यमंत्री मजरा-टोला योजना के अंतर्गत शेष गांवों में भी बिजली सुविधा उपलब्ध कराए जाने की तैयारी की जा रही है।
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा आदिवासी अंचलों में मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।

