एमसीबी/21 जुलाई 2026/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े के मार्गदर्शन में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जनदर्शन के दौरान कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदक की शिकायत को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को सभी प्रकरणों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

जनदर्शन में भूमि विवाद, सीमांकन, नामांतरण, वन अधिकार पट्टा, अतिक्रमण, शासकीय भूमि, राजस्व प्रकरण, आंगनबाड़ी नियुक्ति, मजदूरी भुगतान, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा, निस्तार मार्ग, कृषि भूमि विवाद, किसान कार्ड, शासकीय अधिवक्ता नियुक्ति, वन भूमि, महुआ वृक्ष, रिश्वत की शिकायत तथा अन्य जनसमस्याओं से जुड़े अनेक आवेदन प्राप्त हुए।

आवेदक रामलखन सिंह एवं शिवभजन ने भूमि सीमांकन कराने की मांग की। अजय कुर्रे ने बच्चों का स्थानांतरण प्रमाण-पत्र दिलाने एवं शेष शुल्क जमा करने के लिए समय प्रदान करने का आवेदन प्रस्तुत किया। भागीरथी ने कब्जे की वन भूमि का आपसी बंटवारा होने के बावजूद भूमि पर जबरन खेती किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। हीरालाल निवासी ठग्गांव ने तीन पीढ़ियों से कब्जे वाली शासकीय भूमि पर वन विभाग द्वारा कराए जा रहे पौधारोपण पर रोक लगाने की मांग की।

इसी प्रकार जितेंद्र प्रताप सिंह ने पूर्व सरपंच की बकाया राशि दिलाने, सीताराम यादव ने निस्तार मार्ग उपलब्ध कराने, भीम सिंह ने पैतृक कृषि भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास, मारपीट एवं जान से मारने की धमकी की शिकायत की। सोनसाय ने भूमि संबंधी मामले में कार्रवाई नहीं होने, मोटू ने निष्पक्ष जांच कराने तथा दिलमोहन एवं उमेश सिंह ने वन अधिकार पट्टा प्रदान करने की मांग रखी।
शिवकुमारी ने आंगनबाड़ी सहायिका पद पर नियुक्ति दिलाने, श्रीमती रिंकी ने पुलिस द्वारा झूठे प्रकरण में फंसाए जाने, महेश प्रताप सिंह ने वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा रमाशंकर गुप्ता ने शासकीय अधिवक्ता नियुक्ति से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया।

देवलाल राम बैगा ने मजदूरी की शेष राशि दिलाने, प्रदीप कुमार गुप्ता ने महुआ वृक्ष से जबरन महुआ बीनने, जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई करने, रास्ता मद की भूमि से आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने तथा खेत में लगाए गए सागौन के पौधों को पड़ोसी द्वारा किए जा रहे नुकसान से बचाने की मांग की।

सुबोध कुमार दुबे ने भूमि की जोताई में रोक लगाए जाने, रामबली ने किसान कार्ड में पूर्व से दर्ज वन भूमि को पुनः दर्ज कर पूर्ववत लाभ दिलाने, हीरालाल निवासी झगराखाण्ड ने लगभग 20-25 वर्ष पूर्व निर्मित दुकान पर जबरन कब्जे की शिकायत, मुन्नाराम ने पटवारी द्वारा कथित रूप से रिश्वत लेकर बंटवारा किए जाने की जांच, धनरजिया ने जान से मारने की धमकी एवं पुनः जांच कर पट्टे में नाम दर्ज करने तथा धनसू राम ने पिलर खड़ा कराने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया।
कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण करते हुए नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनदर्शन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है और किसी भी पात्र व्यक्ति की शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए।

