बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा मुद्दा मिल गया है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां को सार्वजनिक रूप से गाली देने का मामला अब बिहार चुनाव तक गूंजता नजर आ सकता है। यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मां को भगवान का स्थान देने वाले देश में किसी की मां को गाली देना मुद्दा तो बनता ही है।
बीजेपी की प्रतिक्रिया
पीएम मोदी ने कहा कि मां के अपमान के लिए मैं कांग्रेस को क्षमा कर सकता हूं, बिहार की जनता कभी माफ नहीं करेगी। एनडीए की महिला बिग्रेड ने भी मोर्चा खोल दिया है और बिहार बंद का ऐलान किया है। बिहार और बिहार के बाहर लगातार बीजेपी नेता इसे मुद्दा बना रहे हैं और कांग्रेस पर भड़क रहे हैं।
कांग्रेस की सफाई
राहुल गांधी अपनी वोटर अधिकार यात्रा के दौरान इसे लेकर सफाई दे चुके हैं, लेकिन बीजेपी इसे बड़ा मुद्दा बनाती नजर आ रही है। आरोपी मोहम्मद नौशाद यूथ कांग्रेस के नेता हैं, जिन्होंने मंच से पीएम मोदी के लिए अपशब्द कहे और मां की गाली दी है।
राजनीतिक प्रभाव
यह मुद्दा बिहार विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जहां बीजेपी इसे अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। बीजेपी जानती है कि विपक्ष की किस भूल को कितना बड़ा मुद्दा बनाया जा सकता है और इससे वोटरों की भावनाओं को अपने पक्ष में किया जा सकता है।
वहीं बिहार के अखबारों में एनडीए की ओर से एक भावुक अपील प्रकाशित की गई है, जिसमें लोगों से बिहार बंद में स्वेच्छा से शामिल होने का आग्रह किया गया है। इस विज्ञापन में एक मां की फोटो और एक भड़कते हुए व्यक्ति की फोटो भी शामिल है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बीजेपी पीएम मोदी की मां के अपमान को एक बड़ा मुद्दा बनाने जा रही है।
कोरिया जिले के वरिष्ठ नेताओं का विचारधाराऐं
योगेश शुक्ला जमीनदार रनई, मुख्तार अहमद कांग्रेस वरिष्ठ नेता, संजय सिंह बीजेपी कार्यकर्ता चिरमिरी, जिलाध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी बैकुण्ठपुर और कुछ अन्य नेताओं का कहना है कि, “मां किसी का भी हो मां तो मां होती है”। परंतु ऐसे अभद्र व्यवहार को सभी नेताओं ने आलोचना की है। क्योंकि लालू यादव एक चारा घोटाले का अभियुक्त है। दूसरा उनके पुत्र तेजस्वी यादव जो कि उनको अनपढ़ व्यक्ति कहा जाये तो उचित होगा। यह समाचार प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रकाशित किया जा रहा है।



