Home अपमान अंबिकापुर/CG : वर्दी का रौब या गुंडागर्दी?, प्रधान आरक्षक ने तीन लोगों...

अंबिकापुर/CG : वर्दी का रौब या गुंडागर्दी?, प्रधान आरक्षक ने तीन लोगों को किया लहूलुहान ?……………..

119
0

अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) : शहर में कानून की रक्षा करने वाला एक प्रधान आरक्षक ही हिंसा का आरोपी बन बैठा। स्थानीय थाना क्षेत्र में एक वकील के बेटे और दंपती पर जानलेवा हमला करने के आरोप में प्रधान आरक्षक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घटना के बाद पुलिस विभाग में भी खलबली मच गई है।

क्या है पूरा मामला?

सूत्रों के अनुसार, घटना देर रात उस समय हुई जब वकील का बेटा अपने परिचित दंपती के साथ बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान नशे की हालत में बताए जा रहे एक प्रधान आरक्षक ने सड़क पर रोककर तीनों से विवाद किया। विवाद बढ़ते ही उसने वकील के बेटे के साथ मारपीट शुरू कर दी और बीच-बचाव करने आए दंपती पर भी हमला किया। बताया जा रहा है कि वार इतने गंभीर थे कि तीनों घायल हो गए और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।

पीड़ित पक्ष का आरोप

पीड़ितों ने आरोप लगाया कि प्रधान आरक्षक ने: गाली-गलौच की, डंडे और मुक्कों से हमला किया, जान से मारने की धमकी भी दी, वकील परिवार ने इस घटना को “कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल” बताते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस विभाग की प्रतिक्रिया

घटना सामने आते ही पुलिस विभाग हरकत में आ गया। प्रभारी अधिकारी ने बताया कि, आरोपी प्रधान आरक्षक को तत्काल लाइन अटैच किया गया है। उसके खिलाफ IPC की गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है।मज़बूत विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि दोषी चाहे कोई भी हो, पुलिस कर्मी द्वारा इस तरह की हिंसा “शून्य सहनशीलता नीति” के दायरे में आती है।

अंबिकापुर वकील संघ और स्थानीय नागरिकों ने घटना की निंदा की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएँ पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।
जबकि विभागीय सूत्र यह भी मानते हैं कि अनुशासनहीन कर्मचारियों पर कड़ाई से लगाम कसना बेहद जरूरी हो गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here