नई दिल्ली : मंगलवार, 18 नवंबर 2025 की सुबह दिल्ली में गंभीर सुरक्षा अलर्ट जारी हुआ, जब साकेत डिस्ट्रिक्ट कोर्ट (Saket Court) सहित अन्य न्यायालय परिसरों को बम धमकी मिली। धमकी मिलने के बाद तुरंत कोर्ट परिसर खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने हाई-अलर्ट मोड में काम करना शुरू कर दिया।
घटना का पूरा क्रम
धमकी ईमेल के माध्यम से मिली, जिसमें बताया गया था कि कोर्ट परिसर में विस्फोटक रखा गया है। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) और कुत्तों की टीम (Sniffer Dogs) तुरंत सक्रिय कर दी गई। कोर्ट परिसर को पूरी तरह से खाली कराया गया — कर्मचारियों, वकीलों और आगंतुकों को सुरक्षित बाहर ले जाया गया सुरक्षा बढ़ा दी गई है न सिर्फ साकेत कोर्ट में, बल्कि पटियाला हाउस और रोहिणी कोर्ट में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस बीच, दो CRPF-स्कूलों (प्रशांत विहार और द्वारका में) को भी बम धमकी ईमेल मिले हैं।
पुलिस और एजेंसियों की प्रतिक्रिया
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरी गंभीरता से लागू किया गया है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। बम निरोधक दस्ते परिसर में गहन तलाशी कर रहे हैं और संभावित खतरों की पहचान करने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, पुलिस धमकी देने वाले स्रोतों की पहचान करने के लिए साइबर सेल की मदद ले रही है।
इस धमकी की पृष्ठभूमि को दिल्ली में हाल ही में हुई घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है, विशेषकर लाल किले के पास हुए हालिया धमाके के संदर्भ में। कोर्ट परिसर में सुरक्षा की कमज़ोरी का सवाल फिर से उठता है — कोर्टों को सिर्फ न्याय का मंदिर नहीं, बल्कि सुरक्षा के बिंदु के रूप में भी देखा जाना चाहिए। हालांकि अभी तक धमकी की गंभीरता (वास्तविक विस्फोटक या हॉक्स कॉल) स्पष्ट नहीं है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित और चौकस प्रतिक्रिया प्रशंसनीय है। इस मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम (जैसे ईमेल) द्वारा दी जाने वाली धमकियाँ अभी भी बड़ी चुनौती हैं और इनके स्रोत की पहचान करना जरूरी है।



