Home Uncategorized शहडोल, शासकीय हाई स्कूल के पीछे बना जानलेवा विद्युत ढांचा, कभी भी...

शहडोल, शासकीय हाई स्कूल के पीछे बना जानलेवा विद्युत ढांचा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा — जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल

11
0
hey

विशेष समाचारबेनी माधव कुशवाहा                                                                                         – डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर शहडोल                                                                शहडोलजयसिंहनगर। शासकीय हाई स्कूल के पीछे बनी बाउंड्री वॉल के बीच स्थापित 11 हजार केवी विद्युत लाइन से जुड़े ट्रांसफार्मर ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिस स्थान पर बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, वहीं विद्युत ट्रांसफार्मर का यह जाल किसी बड़े हादसे को खुला न्योता देता नजर आ रहा है।

स्कूल परिसर के पीछे बाउंड्री वॉल के बीच विद्युत ट्रांसफार्मर एवं उससे जुड़े तारों का ढांचा मौजूद है। विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे यदि खेलते-कूदते या किसी अन्य कारण से इस स्थान के नजदीक पहुंचते हैं, तो करंट की चपेट में आने या विद्युत दुर्घटना का गंभीर खतरा बना हुआ है।

बच्चों की सुरक्षा से बड़ा क्या?

स्कूल परिसर में आने-जाने वाले बच्चों की उम्र और उनकी स्वाभाविक चंचलता को देखते हुए ऐसे संवेदनशील विद्युत उपकरणों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होना जरूरी है।
यदि सुरक्षा घेरा कमजोर है या बच्चे उसके संपर्क में आ सकते हैं, तो यह स्थिति किसी संभावित जनहानि से पहले तत्काल सुधार की मांग करती है।

हादसा हुआ तो जिम्मेदारी किसकी?                                                                                        बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन किसी हादसे का इंतजार कर रहा है या हादसा होने से पहले कदम उठाएगा?

तत्काल सुरक्षा व्यवस्था की मांग                                                                                        स्थानीय लोगों एवं अभिभावकों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तत्काल मौके का निरीक्षण कर ट्रांसफार्मर के चारों ओर मजबूत एवं सुरक्षित सुरक्षा जाल/घेरा बनवाए तथा बच्चों की पहुंच को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। आवश्यकता होने पर विद्युत ट्रांसफार्मर को विद्यालय परिसर से सुरक्षित दूरी पर स्थानांतरित करने की कार्रवाई भी की जाए।

बच्चों की जिंदगी किसी प्रयोग का विषय नहीं है। जिम्मेदार विभागों को संभावित दुर्घटना से पहले जागना होगा, वरना किसी अनहोनी के बाद की कार्रवाई सिर्फ कागजी खानापूर्ति बनकर रह जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here