रायपुर, छत्तीसगढ़। पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के लिए आवंटित सरकारी राशि के दुरुपयोग के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। रायपुर जिले में विकास कार्यों के लिए स्वीकृत सरकारी धन के कथित गबन के मामले में चार पूर्व सरपंचों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। प्रशासनिक आदेश के अनुसार संबंधित आरोपियों को निर्धारित अवधि के भीतर गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार चारों पूर्व सरपंचों पर विकास कार्यों की राशि का उपयोग नियमानुसार नहीं करने तथा सरकारी धन की वसूली लंबित रहने का आरोप है। इन मामलों में कुल लगभग ₹43 लाख की राशि बकाया बताई गई है।
बकाया राशि का विवरण इस प्रकार है:
– गोपाल चतुर्वेदी (पूर्व सरपंच, नकटा) – ₹18,23,880
– रोशन मिश्रा (पूर्व सरपंच, देवदा) – ₹19,35,073
– राजकुमारी साहू (पूर्व सरपंच, नगपुरा) – ₹4,09,000
– चितरेखा साहू (पूर्व सरपंच, राखी) – ₹2,09,324
प्रशासन का मानना है कि पंचायत निधि जनता की अमानत है और उसका उपयोग केवल विकास कार्यों के लिए होना चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर सरकारी धन का दुरुपयोग या गबन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनहित और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह कार्रवाई केवल चार व्यक्तियों तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, नाली, भवन एवं अन्य विकास कार्यों के लिए दी जाने वाली राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का संदेश
राज्य सरकार लगातार पंचायतों में वित्तीय अनुशासन, सामाजिक अंकेक्षण, ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था तथा अभिलेखों की नियमित जांच पर जोर दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग के मामलों में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर वसूली एवं कानूनी प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा।
जनता की अपेक्षा
ग्रामीण नागरिकों का मानना है कि ऐसी कार्रवाई से पंचायतों में पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और विकास योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक समय पर पहुंचेगा। विशेषज्ञों का भी कहना है कि यदि वित्तीय अनियमितताओं पर इसी प्रकार त्वरित कार्रवाई होती रही तो पंचायत शासन व्यवस्था में जनता का विश्वास और मजबूत होगा।

