बिहार की लेडी सिंघम के नाम से मशहूर और महज 22 साल की उम्र में यूपीएससी क्रैक करने वाली और 28 साल की उम्र में इस्तीफा देने वाली बिहार कैडर की पूर्व आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। ‘न्यूज़ पिंच’ को हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने सफर के बारे में खुलकर बात की।
इसमें उन्होंने अपने करियर और निजी जिंदगी से लेकर IPS छोड़ने की असली वजह और राजनीति में आने की अपनी भविष्य की योजनाओं तक, हर चीज पर चर्चा की।
इंटरव्यू के दौरान जब काम्या मिश्रा से खान सर और बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने खान सर के पढ़ाने के अनोखे अंदाज और उनके विजन की खूब तारीफ की।
काम्या मिश्रा ने कहा कि खान सर सबसे मुश्किल और पेचीदा कॉन्सेप्ट्स को भी बहुत ही आसान, समझने में सरल और दिलचस्प भाषा में समझाते हैं। आज उनका वीडियो एक मजदूर का बच्चा भी देख रहा है और एक शिक्षक का बच्चा भी।
बिहार की शिक्षा व्यवस्था में उन्होंने जो बदलाव लाया है, वह किसी क्रांति से कम नहीं है और इसके लिए उन्हें और अधिक श्रेय मिलना चाहिए। हालांकि, काम्या मिश्रा ने यह भी साफ किया कि भले ही वह शिक्षा के क्षेत्र में खान सर के योगदान की तारीफ करती हैं,

काम्या मिश्रा के आईपीएस की नौकरी से अचानक इस्तीफा देने के बाद से राजनीतिक हलकों में यह चर्चा हो रही थी कि काम्या मिश्रा राजनीति में आ सकती हैं। इस इंटरव्यू में उन्होंने इन कयासों को खारिज करने के बजाय नई संभावनाओं को हवा दे दी है।
पसंदीदा पॉलिटिकाल पार्टी के बारे में पूछे जाने पर काम्या ने कहा, “जो भी पॉलिटिकल पार्टी देश के लिए अच्छा करेगी और मेरी आइडियोलॉजी से मैच करेगी, मैं उसे जॉइन करूंगी। हालांकि, मैंने इस चीज को पूरी तरह अपनी किस्मत पर छोड़ दिया है। मेरा मानना है कि यदि समाज को सही दिशा में बदलना है और पॉलिसी लेवल पर बड़े बदलाव लाने हैं,
काम्या मिश्रा ने IPS जैसी प्रतिष्ठित नौकरी से सिर्फ छह साल बाद अचानक इस्तीफा देने और बिहार छोड़ने के बारे में पूछे गए सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने उन अफवाहों को खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि उन्होंने सिस्टम से परेशान होकर नौकरी छोड़ी है।



