अटल पथ, आशियाना-दीघा रोड और नहर रोड सहित शहर की अन्य नई सड़कों को ‘व्यावसायिक प्रधान सड़क’ घोषित करने की तैयारी चल रही है। इन सड़कों की श्रेणी में बदलाव होते ही इनके आस-पास की व्यावसायिक जमीन की कीमत 80 लाख रुपये प्रति डिसमिल हो जाएगी।
निबंधन विभाग ने जमीन की सर्किल दर और स्टांप ड्यूटी बढ़ाने के साथ ही, शहरी क्षेत्र की जमीन को छह और ग्रामीण क्षेत्र की जमीन को सात श्रेणियों में बांटने की अधिसूचना जारी की है। ग्रामीण क्षेत्रों की सर्किल दर 1.6 गुना और शहरी क्षेत्र में दो गुना तक बढ़ गई है।
स्टांप ड्यूटी में भी 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। सर्किल दर बढ़ने के बाद शुक्रवार को जमीन की रजिस्ट्री में कमी आई। पटना जिला अवर निबंधन कार्यालय में सामान्य तौर पर रोजाना 50 जमीनों की रजिस्ट्री होती है,
लेकिन शुक्रवार को पहले से बुक 20 जमीनों की रजिस्ट्री पुरानी दर पर ही हुई। नई दर पर किसी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हुई है।

जमीन की श्रेणियां कम होने का सीधा फायदा खरीदारों और विक्रेताओं को होगा। निबंधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जमीन की खरीद-बिक्री के ऑनलाइन आवेदन के दौरान श्रेणी को समझना अब आसान हो जाएगा।
यदि जमीन नगर निकाय क्षेत्र में है तो 11 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में है तो 9 प्रतिशत शुल्क जमा करना होगा। महिला के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर शुल्क में 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी।



