भटगांव। भटगांव विधानसभा क्षेत्र के 17 गांवों में बिजली व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में लगातार नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में स्थापित सोलर सिस्टम के रखरखाव के अभाव में पिछले कई महीनों से हजारों लोग अंधेरे में जीवनयापन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व सरकार के कार्यकाल में 17 गांवों में वैकल्पिक बिजली व्यवस्था के रूप में सोलर सिस्टम स्थापित किए गए थे, जिनसे लगभग 12 हजार की आबादी लाभान्वित हो रही थी।

उनका कहना है कि वर्तमान में सोलर सिस्टम का नियमित रखरखाव नहीं होने से अधिकांश सिस्टम बंद पड़े हैं। साथ ही, रखरखाव से जुड़े कर्मचारियों का कार्य भी बंद करा दिया गया, जिससे समस्या और बढ़ गई है।
ग्रामीणों का दावा है कि बिजली समस्या को लेकर पूर्व में किए गए प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र की प्रभारी मंत्री ने खंभों के माध्यम से स्थायी विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।
हालांकि, उनका आरोप है कि अब तक न तो विद्युत लाइन का कार्य शुरू हुआ है और न ही गांवों में नियमित बिजली पहुंच सकी है।
बिजली नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रात के समय कंडील और चिमनी के सहारे गुजारा करना पड़ रहा है। सघन वन क्षेत्र होने के कारण अंधेरे में जंगली जानवरों एवं जहरीले सर्पों का खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि अंधेरे की वजह से कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है।
ग्रामीणों ने राज्य सरकार एवं संबंधित विभाग से शीघ्र स्थायी विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा बंद पड़े सोलर सिस्टम की मरम्मत एवं रखरखाव तत्काल शुरू कराने की मांग की है।

