(काराकाट), बिहार: काराकाट विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी ज्योति सिंह द्वारा प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ज्योति सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्हें एसडीएम और पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
ज्योति सिंह, जो कि बिना किसी राजनीतिक दल के समर्थन के चुनाव मैदान में उतरी हैं, अपने क्षेत्र में लगातार प्रचार-प्रसार कर जनता का विश्वास जीत रही हैं। बताया जा रहा है कि क्षेत्र के लगभग हर पंचायत और गांव में उनका नाम चर्चा में है और उन्हें जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है। हालांकि, इस दौरान प्रशासनिक दबाव और आर्थिक लेनदेन की मांग के आरोप भी सामने आए हैं। ज्योति सिंह का कहना है कि संबंधित अधिकारियों ने उनसे धन की मांग की और मना करने पर उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
स्थानीय जनता का आरोप है कि काराकाट के एसडीएम और पुलिस विभाग के कुछ अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और एक महिला प्रत्याशी के साथ अनुचित व्यवहार कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि एक महिला, जो बिना किसी राजनीतिक संरक्षण के जनता के बीच काम कर रही है, उसके साथ प्रशासन का यह रवैया निंदनीय है।
ज्योति सिंह ने अपने व्यक्तिगत जीवन के संबंध में कहा कि वह आज भी अपने पति पवन सिंह को पति मानती हैं, बावजूद इसके कि वे उनसे अलग रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि पारिवारिक कठिनाइयों के बावजूद वह अपने “संस्कार” और “कर्तव्य” का पालन करते हुए चुनाव में ईमानदारी से काम कर रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ज्योति सिंह के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग रैलियों और सभाओं में जुट रहे हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों में वह 25 से 30 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर सकती हैं।
जनता और समर्थकों ने बिहार सरकार से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जिन अधिकारियों पर आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, निर्दलीय प्रत्याशी ज्योति सिंह को सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि वह बिना किसी भय या दबाव के अपने प्रचार और मतदान कार्य पर नजर रख सकें।



