गुना (मध्य प्रदेश)। जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गणेशपुरा गांव में रविवार-सूर्योदय से पहले एक जमीनी विवाद ने खूनी रूप ले लिया। लगभग छः बिघा कृषि भूमि के स्वामित्व को लेकर चल रहे पुराने विवाद में लगभग 15 व्यक्तियों के एक समूह ने किसान रामस्वरूप नागर (40 वर्ष) एवं उसके परिवार पर जानलेवा हमला किया।
पुलिस के मुताबिक, रामस्वरूप अपनी पत्नी के साथ खेत की ओर जा रहे थे कि अचानक एक समूह ने उन्हें घेर लिया आरोपी समूह ने लाठी-डंडे व धारदार हथियारों से हमला किया, बाद में उनकी गाड़ी – एक थार जिप (Mahindra Thar) वाहन – से रामस्वरूप को कुचल दिया गया। इस दौरान किसान की पत्नी (38 वर्ष), उनकी 17 वर्षीय बेटी, एक अन्य 17 वर्षीय लड़की व 50 वर्षीय रिश्तेदार घायल हुए, जब उन्होंने हमला रोकने की कोशिश की। और सबसे संवेदनशील बिंदु: जब बेटियाँ पिता की रक्षा के लिए आईं, तो आरोपियों ने उनके कपड़े फाड़े और महिलाओं के साथ अपमानजनक व्यवहार किया। घायल रामस्वरूप को अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी के रूप में स्थानीय नेता महेंद्र नागर (राजस्थान निवासी) का नाम बताया है, साथ में कम-से-कम 14 अन्य लोगों के खिलाफ हत्या एवं अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। ग्रामीणों व पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी वर्षों से छोटे किसानों को धमका कर उनकी जमीनें कम दामों में ले ले रहा था। रामस्वरूप ने इस दबाव को न स्वीकारा, तो इस तरह की प्रतिक्रिया सामने आई। घटना के बाद गांव में तनाव व्याप्त है, लोग आरोपी के नाम-अभियान से डर रहे हैं और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मामले की सख्तता को देखते हुए पुलिस ने फतेहगढ़ थाना अंतर्गत एफआईआर दर्ज की है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है। राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों व विपक्ष ने भी इस मामले पर टिप्पणी की है; उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई को चुनौती दी है। स्थानीय प्रशासन को आदेश दिए गए हैं कि गांव में सुरक्षित माहौल बनाए रखें और किसानों-ग्रामीणों को न्याय दिलाएं।



