रायपुर: राजधानी रायपुर के वीआईपी चौक, तेलीबांधा थाना क्षेत्र में स्थित छत्तीसगढ़ की आस्था एवं सांस्कृतिक पहचान मानी जाने वाली छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर देर रात तोड़-फोड़ की घटना हुई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रतिमा के सिर को तोड़ कर मूर्ति को उखाड़ फेंका गया है। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रतिमा के आसपास मौजूद लोग और पत्रकार घटना स्थल पर पहुंच गए, मामला जल्द ही विरोध-प्रदर्शन का रूप ले गया। इस घटना को लेकर लोगों में गहरा रोष है। स्थानीय सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने इसे “छत्तीसगढ़िया अस्मिता” पर हमला बताया है। प्रदेश की एक प्रमुख सामाजिक संस्था ने कहा: “यह घटना हमारी संस्कृति, हमारी आस्था के खिलाफ है — दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।” इस बीच पुलिस ने तेलीबांधा थाना में त्वरित एफआईआर दर्ज कर आरोप-प्रत्यारोप की जांच शुरू कर दी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए, सरकार के उच्चाधिकारियों एवं प्रशासन ने कदम उठाया है। प्रतिमा को तुरंत हटाकर पुनर्स्थापित करने और घटना के दोषियों की खोज तेज करने का निर्देश जारी किया गया है। उल्लेखनीय है कि इस प्रतिमा को पहले से ही छत्तीसगढ़ के लोगों की सांस्कृतिक पहचान माना जाता है।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि घटना किन लोगों ने किस मकसद से की। सामाजिक एवं राजनीतिक विवाद, आस्था-संवेदनशीलता, या स्थानीय असमर्थित गतिविधियाँ संभावित कारण हो सकते हैं। घटना के तुरंत बाद विरोध प्रदर्शन और मीडिया कवरेज ने इसे राज्य-स्तर पर संवेदनशील मामला बना दिया है।
पुलिस द्वारा आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारियों की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन द्वारा प्रतिमा की फिर से मरम्मत या पुनर्स्थापन की तैयारियाँ तेज की जा रही हैं। सामाजिक संगठनों द्वारा शांति और संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील की जा रही है ताकि आगे तनाव न बढ़े।



