सूरजपुर/12 जून 2026/ छत्तीसगढ़ शासन की कृषक हितैषी योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसका उत्कृष्ट उदाहरण ग्राम जयनगर के किसान श्री रूपनारायण पिता श्री लोचन हैं, जिन्होंने कृषक उन्नति योजना एवं धान उपार्जन व्यवस्था का लाभ लेकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।
ग्राम जयनगर निवासी श्री रूपनारायण एक मेहनती एवं प्रगतिशील किसान हैं। उनके पास कुल 2.89 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें उन्होंने 2.55 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, उन्नत बीजों तथा संतुलित उर्वरक प्रबंधन को अपनाकर उन्होंने बेहतर उत्पादन प्राप्त किया।
धान उपार्जन के अंतर्गत श्री रूपनारायण ने कुल 100 क्विंटल धान का विक्रय किया। केंद्र शासन द्वारा निर्धारित ₹2369 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदान किए गए ₹731 प्रति क्विंटल बोनस का लाभ उन्हें प्राप्त हुआ। इस प्रकार उन्हें कुल ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से राशि मिली।

धान विक्रय के एवज में उन्हें समर्थन मूल्य के रूप में ₹2,36,900 तथा बोनस के रूप में ₹73,100 प्राप्त हुए। इस प्रकार उन्हें कुल ₹3,10,000 की राशि प्राप्त हुई। प्राप्त आय का उपयोग उन्होंने कृषि गतिविधियों को और सुदृढ़ करने तथा परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति में किया, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
श्री रूपनारायण का कहना है कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं और कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से खेती अब अधिक लाभकारी बन रही है। वे अन्य किसानों को भी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित करते हैं।
इस संबंध में कृषक रूपनारायण कहते है कि यदि किसान वैज्ञानिक खेती अपनाएं और छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं का लाभ लें, तो वे अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकते हैं।

