मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने बताया कि, राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन स्टैंडर्ड (छफ।ै) के अनुसार, चिकित्सा अधिकारियों और पैरामेडिकल स्टाफ को यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह के सहयोग से प्रशिक्षण और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा, राष्ट्रीय मूल्यांकनकर्ता डॉ. अक्षय शक्ति तिवारी, डीपीएम अशरफ अंसारी, अस्पताल सलाहकार श्रीमती प्रियंका कुरील, असिस्टेंट क्वालिटी नोडल श्वेता तिवारी और डिप्टी एमईआईओ श्रीमती सरोजनी के समन्वय से स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
आगामी योजनाएं-
आगामी दिनों में जिले की लगभग 15 स्वास्थ्य संस्थाएं राष्ट्रीय स्तर के एनक्यूएएस मूल्यांकन में भाग लेंगी। जिले के दोनों विकासखंडों में क्वालिटी टीम द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों की तैयारी को सघन रूप से पूरा किया जा रहा है। कुल 76 प्रतिभागियों को इस प्रशिक्षण में शामिल किया गया है।
इस पहल से जिले के स्वास्थ्य केंद्रों की गुणवत्ता में सुधार होगा और राष्ट्रीय स्तर पर इनकी मान्यता प्राप्त करने में मदद मिलेगी, जिससे नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।