ब्लड सैम्पल और संक्रमण की पुष्टि
29 मार्च को प्रारंभिक परीक्षण किया गया। शासकीय हेचरी सेंटर से 5 मुर्गियों के रक्त परीक्षण के लिए नमूने राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल भेजे गए थे। 31 मार्च 2025 को प्राप्त रिपोर्ट में भ्5छ1 संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर सभी मुर्गियों और अन्य पक्षियों को नष्ट करने के आदेश दिए गए। इसके तहत कुल 24,087 मुर्गियों, 9,998 चूजों, 2,448 बटेरों और 19,095 अंडों को नष्ट किया गया। साथ ही, शासकीय हेचरी से मुर्गी और बटेर की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
नेजल स्वाब के लिए नमूने
1 अप्रैल 2025 को शासकीय हेचरी के कर्मचारियों से 20 नेजल स्वाब नमूने लिए गए, जिन्हें परीक्षण के लिए एम्स रायपुर भेजा गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र के 1 किलोमीटर दायरे में घर-घर जाकर सर्वे किया। अब तक 136 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें 346 लोग लक्षणों (सर्दी, खांसी) के साथ पाए गए।
चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह
पोल्ट्री उत्पादों से संपर्क में आए लोगों को बार-बार हाथ धोने और किसी भी लक्षण के मामले में नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
आवश्यक दवाइयां और टेस्टिंग सामग्री
एविएन इन्फ्लूएंजा के इलाज के लिए ओसिल्टामिविर और अन्य जरूरी टेस्टिंग सामग्री की आपूर्ति के लिए डिमांड भेजी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति को इस बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही, अधिकारियों और आम नागरिकों से निवेदन किया गया है कि किसी भी संदिग्ध मामले की जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दी जाए। जिला प्रशासन ने सभी वर्गों से सहयोग करने की अपील की है।