मां कुष्मांडा की पूजा विधि
पूजा के लिए आवश्यक सामग्री:
– मां कुष्मांडा की मूर्ति या चित्र
– पूजा की थाली
– अक्षत
– पुष्प
– धूप
– दीप
– नैवेद्य
– फल
– मिठाई
पूजा विधि:
1. स्नान और शुद्धिकरण: पूजा करने से पहले स्नान करें और शुद्ध वस्त्र पहनें।
2. पूजा स्थल की तैयारी: पूजा स्थल को साफ करें और मां कुष्मांडा की मूर्ति या चित्र को स्थापित करें।
3. पूजा की थाली तैयार करें: पूजा की थाली में अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, फल और मिठाई रखें।
4. मां कुष्मांडा की पूजा करें: मां कुष्मांडा की मूर्ति या चित्र को पूजा की थाली से पूजा करें। अक्षत, पुष्प, धूप और दीप अर्पित करें।
5. नैवेद्य और फल अर्पित करें: मां कुष्मांडा को नैवेद्य और फल अर्पित करें।
6. आरती करें: मां कुष्मांडा की आरती करें।
7. पूजा का समापन करें: पूजा का समापन करें और मां कुष्मांडा को धन्यवाद दें।
मां कुष्मांडा की पूजा के लाभ:
– मां कुष्मांडा की पूजा करने से व्यक्ति को सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य प्राप्त होता है।
– यह पूजा व्यक्ति को सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति दिलाती है।
– मां कुष्मांडा की पूजा करने से व्यक्ति को जीवन में सफलता प्राप्त करने में मदद मिलती है।
इन मंत्रों का करें जाप
मुख्य मंत्र:
ॐ श्री कूष्मांडायै नमः
आराधना मंत्र:
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कूष्मांडायै नमः
स्तोत्र मंत्र:
कूष्मांडा श्री महादेवी,
कूष्मांडा इष्टदेवी ।
तुम्हारी महिमा अपरम्पार,
तुम्हारी शक्ति अनंत है ।
इन मंत्रों का जाप करने से मां कुष्मांडा की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति को सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य प्राप्त होता है।