एमसीबी, जिले में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने, आवारा मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण तथा आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 1 अगस्त 2026 को जनपद पंचायत सभा कक्ष में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लिंगराज सिदार की अध्यक्षता में पशुपालकों एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सड़क पर खुले घूमने वाले मवेशियों से उत्पन्न हो रही समस्याओं, दुर्घटनाओं तथा न्यायालय एवं शासन के दिशा-निर्देशों के प्रभावी पालन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए एसडीएम लिंगराज सिदार ने कहा कि सड़क पर खुले छोड़े गए मवेशी न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। विशेष रूप से राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों सहित प्रमुख मार्गों पर मवेशियों की मौजूदगी के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें लोगों की जान-माल की क्षति होने की संभावना बनी रहती है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने अब सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने सभी पशुपालकों से आग्रह किया कि वे अपने मवेशियों को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर बांधकर रखें तथा उनके रखरखाव की समुचित व्यवस्था करें। यदि कोई पशुपालक अपने मवेशियों को सड़क पर छोड़ता हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई किसी को परेशान करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि जनहित, सड़क सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जाएगी।
बैठक में अधिकारियों ने उपस्थित पशुपालकों एवं जनप्रतिनिधियों को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर पारित आदेशों की जानकारी भी दी। साथ ही शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से अवगत कराते हुए बताया गया कि सड़क पर आवारा मवेशियों की समस्या को समाप्त करना सभी संबंधित विभागों एवं नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दिशा में प्रशासन लगातार निगरानी रखेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय निकाय, पशु चिकित्सा विभाग एवं संबंधित विभागों के समन्वय से अभियान चलाकर सड़क पर घूमने वाले मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा पशुपालकों को जागरूक करने का कार्य किया जाएगा। साथ ही लोगों से भी अपील की गई कि यदि कहीं सड़क पर आवारा मवेशी दिखाई दें तो इसकी सूचना संबंधित विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन की इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें और सड़क पर मवेशियों को खुला छोड़ने से बचें, जिससे दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और आम नागरिकों को सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध हो सके।
बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव, पार्षदगण, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी सहित बड़ी संख्या में पशुपालक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

