सोनहत (कोरिया)
विकासखंड सोनहत की ग्राम पंचायत चक्डाड के आश्रित वनांचल ग्राम धूम्माडाड स्थित प्राथमिक शाला में शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौती का सामना कर रही है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में लगभग 45 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन उनके शिक्षण की जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक पर है।
ग्रामीणों का कहना है कि एकमात्र शिक्षक को विभागीय बैठकें, प्रशिक्षण, जानकारी संकलन एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए अक्सर विद्यालय से बाहर जाना पड़ता है।
ऐसे समय में बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होती है, जिससे उनकी शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में कम से कम दो अतिरिक्त शिक्षकों की तत्काल आवश्यकता है, ताकि बच्चों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
उनका कहना है कि लंबे समय से शिक्षक की कमी बनी हुई है, लेकिन अब तक इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
वनांचल क्षेत्र होने के कारण यहां के बच्चों के लिए विद्यालय ही शिक्षा का मुख्य आधार है।
यदि समय रहते शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई, तो बच्चों की शैक्षणिक प्रगति प्रभावित होने की आशंका है।
ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कोरिया तथा स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि प्राथमिक शाला धूम्मदंड में शीघ्र अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना की जाए, जिससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके और शिक्षा व्यवस्था मजबूत बने।
विशेष संवाददाता : नीलेश सोनी
वशिष्ठ टाइम्स समाचार

