
सूरजपुर/27 जुलाई 2026/ नगर के शासकीय रेवती रमण मिश्र पीजी महाविद्यालय, सूरजपुर के प्राणीशास्त्र विभाग के स्नातकोत्तर सेमेस्टर द्वितीय एवं चतुर्थ के विद्यार्थियों ने विभागीय शिक्षकों के साथ 25 जुलाई को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगशालाओं, अनुसंधान सुविधाओं एवं वैज्ञानिक कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव कराना था। विभागाध्यक्ष डॉ. चंदन कुमार ने बताया कि इस प्रकार के भ्रमण से विद्यार्थियों में उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की समझ विकसित होती है।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बीएचयू के प्राणीशास्त्र विभाग में अकशेरुकी एवं कशेरुकी कार्यात्मक शरीर रचना विज्ञान प्रयोगशाला, कीट विज्ञान प्रयोगशाला, मॉलिक्युलर बायोलॉजी प्रयोगशाला, जीवाणु विज्ञान प्रयोगशाला, जैव रसायन एवं आणविक जीवविज्ञान प्रयोगशाला, केंद्रीय प्रयोगशाला, जंतु विज्ञान संग्रहालय एवं पुस्तकालय का अवलोकन किया। ड्रोसोफिला प्रयोगशाला में शोध विद्वानों ने विद्यार्थियों को फूड प्रिपरेशन, ड्रोसोफिला स्टॉक्स के संरक्षण एवं अनुसंधान प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया, साथ ही प्रयोगशाला उपकरणों के प्रत्यक्ष प्रयोग एवं शोध विधियों की भी विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने डेयरी साइंस एवं फूड टेक्नोलॉजी विभाग का भ्रमण किया, जहां उन्हें गौवंश रखरखाव, आधुनिक दुग्ध उत्पादन तकनीक तथा खाद्य प्रसंस्करण की नवीन विधियों से अवगत कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों एवं शोध विद्वानों के बीच शोध विषयों पर सार्थक संवाद भी हुआ।

प्रयोगशाला भ्रमण के उपरांत विद्यार्थियों ने बीएचयू स्थित प्रसिद्ध भारत कला भवन का भ्रमण कर प्राचीन मूर्तियों, दुर्लभ पांडुलिपियों, चित्रकला, सिक्कों एवं ऐतिहासिक कलाकृतियों का अवलोकन किया। इसके साथ ही विद्यार्थी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन तथा गंगा नदी स्थित अस्सी घाट पर आयोजित प्रसिद्ध गंगा आरती में भी सम्मिलित हुए।
घाट क्षेत्र में विद्यार्थियों ने जैव विविधता का अध्ययन करते हुए संघ आर्थाेपोडा के जीवों, सरीसृप एवं पक्षियों का भी अवलोकन किया। डॉ. चंदन कुमार ने विद्यार्थियों को प्रयोगशाला प्रबंधन, उपकरणों के उपयोग एवं सावधानियों के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया।

कॉलेज प्रशासन के अनुसार यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिससे उन्हें आधुनिक अनुसंधान तकनीकों, प्रयोगशाला कार्य संस्कृति तथा उच्च शिक्षा के नए आयामों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।

