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जिला एमसीबी, ग्राम बुलाकीटोला में हैंडपंपों का क्लोरीनेशन, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पीएचई विभाग का विशेष अभियान, जल जनित बीमारियों की रोकथाम के साथ ग्रामीणों को स्वच्छता एवं जल संरक्षण के प्रति किया गया जागरूक

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एमसीबी/22 जुलाई 2026/ जिले में प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल गुणवत्ता संरक्षण एवं जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड मनेन्द्रगढ़ की ग्राम पंचायत बुलाकी टोला में विभाग द्वारा सार्वजनिक हैंडपंपों का क्लोरीनेशन कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। अभियान के दौरान सभी सार्वजनिक पेयजल स्रोतों में निर्धारित मानकों के अनुरूप क्लोरीन का उपयोग कर जल को जीवाणु रहित बनाने की प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री आकाश पोद्दार के निर्देशन में विभाग की तकनीकी टीम एवं हैंडपंप टेक्निशियनों ने ग्राम के विभिन्न सार्वजनिक हैंडपंपों का निरीक्षण करते हुए प्रत्येक स्रोत में निर्धारित मानक के अनुसार 30 एमएल क्लोरीन का उपयोग किया। क्लोरीनेशन की इस वैज्ञानिक प्रक्रिया से पेयजल में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं, वायरस एवं अन्य संक्रमण फैलाने वाले सूक्ष्मजीवों का प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया गया। इससे जल जनित बीमारियों जैसे डायरिया, हैजा, टाइफाइड एवं अन्य संक्रमणों की रोकथाम में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

अभियान के दौरान विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को यह भी बताया कि बरसात के मौसम में पेयजल स्रोतों के दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे समय में नियमित क्लोरीनेशन, जल स्रोतों की साफ-सफाई तथा स्वच्छ पेयजल का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे हैंडपंपों के आसपास गंदगी या जलभराव न होने दें, नालियों की नियमित सफाई कराएं तथा पेयजल का संग्रह हमेशा स्वच्छ एवं ढके हुए बर्तनों में करें।
जन जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीणों को व्यक्तिगत स्वच्छता, हाथ धोने की आदत, जल संरक्षण तथा पेयजल स्रोतों के रखरखाव के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही यह संदेश दिया गया कि यदि किसी पेयजल स्रोत के जल की गुणवत्ता में परिवर्तन दिखाई दे अथवा हैंडपंप में कोई तकनीकी समस्या उत्पन्न हो तो उसकी सूचना तत्काल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
ग्रामीणों ने विभाग द्वारा संचालित इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि नियमित क्लोरीनेशन से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा और जल जनित बीमारियों की रोकथाम में सहायता मिलेगी। उन्होंने विभाग के साथ मिलकर जल स्त्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने तथा सुरक्षित पेयजल के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बताया कि जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों की नियमित निगरानी, जल गुणवत्ता परीक्षण, क्लोरीनेशन एवं जनजागरूकता गतिविधियां निरंतर संचालित की जा रही हैं। विभाग का लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, जलजनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा जनसहभागिता के माध्यम से स्वस्थ, स्वच्छ एवं सुरक्षित ग्रामीण वातावरण का निर्माण करना है।

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