ग्रामीणों का आरोप—नियत समय पर चिकित्सक उपलब्ध नहीं, इलाज के लिए करना पड़ता है लंबा इंतजार; स्वास्थ्य विभाग से जांच और सुधार की मांग।
विकासखंड सोनहत के अंतर्गत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामगढ़ एक बार फिर ग्रामीणों की शिकायतों को लेकर चर्चा में है।
स्थानीय ग्रामीणों और जानकार सूत्रों के अनुसार, केंद्र में पदस्थ एक चिकित्सक की उपस्थिति नियमित नहीं रहती। आरोप है कि डॉक्टर कई बार निर्धारित समय से देर से आते हैं और समय से पहले चले जाते हैं, जिससे मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र दूर-दराज के आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए इलाज का प्रमुख केंद्र है।
ऐसे में चिकित्सक की कथित अनियमित उपस्थिति के कारण मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीजों को बिना इलाज वापस लौटना पड़ता है या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार इस समस्या को संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाने का प्रयास किया, लेकिन अब तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
उनका कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यदि चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित नहीं होगी तो इन योजनाओं का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए, डॉक्टरों की उपस्थिति का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए और यदि अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
प्रशासन से प्रमुख मांगें
चिकित्सक की उपस्थिति और ड्यूटी रजिस्टर की जांच कराई जाए।
ओपीडी समय का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण कराया जाए।
ग्रामीणों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
सोनहत (कोरिया), छत्तीसगढ़ | विशेष संवाददाता

