छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वच्छ वातावरण हर हाल में सुनिश्चित करें: कलेक्टर संतन देवी जांगड़े

एमसीबी/20 जुलाई/2026/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग अंतर्गत संचालित वर्ष 2026-27 के लिए जिले के 51 आश्रमों एवं छात्रावासों में नवीन छात्र-छात्राओं के प्रवेश के संबंध में जिला स्तरीय अध्यक्षता में की गई। बैठक में प्रवेश प्रक्रिया की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को छात्रहित सर्वाेपरि रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर सुश्री जांगड़े ने कहा कि छात्रावासों एवं आश्रमों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पात्र विद्यार्थियों को प्रवेश का लाभ मिले तथा किसी भी पात्र छात्र-छात्रा को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि अनाथ एवं माता-पिता विहीन बच्चों को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता के साथ प्रवेश दिया जाए।

बैठक में कलेक्टर ने छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए महिला छात्रावासों में महिला होमगार्ड की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों को भी छात्रावासों की नियमित देखरेख एवं निगरानी में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों को अकेला न छोड़ा जाए तथा उनकी सुरक्षा एवं देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने सभी छात्रावासों एवं आश्रमों में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने, ‘स्वस्थ तन-स्वस्थ मन’ योजना के अंतर्गत चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने तथा विशेष रूप से वर्षाकाल में स्वच्छता एवं व्यक्तिगत हाइजीन का ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य की सतत मॉनिटरिंग की जाए ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी की समय रहते रोकथाम की जा सके।
उन्होंने छात्रावासों में उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि प्रतिदिन भोजन एवं पेयजल की गुणवत्ता की जांच की जाए। खाद्यान्न भंडारण स्थल को पूरी तरह साफ-सुथरा एवं नमी रहित रखा जाए, ताकि अनाज सुरक्षित बना रहे। रसोइयों को पौष्टिक, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन तैयार कर बच्चों को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल देते हुए छात्रावासों में नियमित रूप से खेलकूद, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन करने, परिसर में किचन गार्डन विकसित करने तथा वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए उन्हें विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से जोड़ा जाए।
उन्होंने सभी छात्रावासों एवं आश्रमों के शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित वातावरण एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल संबंधित एसडीएम, तहसीलदार अथवा विभागीय अधिकारियों को सूचना देकर समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कोटाडोल क्षेत्र के सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अध्ययन व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से उनके अभिभावकों से चर्चा कर आवश्यक सूची तैयार करने तथा समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त सुश्री अंकिता मरकाम ने सभी छात्रावास एवं आश्रम अधीक्षकों को प्रतिदिन शाम के समय एक से दो घंटे विद्यार्थियों का शैक्षणिक मार्गदर्शन करने के निर्देश दिए। उन्होंने नागपुर एससी छात्रावास को एससी-एसटी छात्रावास में परिवर्तित करने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने तथा सभी छात्रावासों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में शिक्षा समिति के अध्यक्ष राजेश साहू ने कहा कि जिले के सभी छात्रावासों एवं आश्रमों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए खेलकूद, योग, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुस्तक पठन, व्यक्तित्व विकास एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य करें।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, जिला स्तरीय छात्रावास समिति के सदस्य, छात्रावास अधीक्षक तथा आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

