आत्मनिर्भर दलहन एवं तिलहन योजना से किसानों को मिला संबल, प्रधानमंत्री फसल बीमा, कृषि उन्नति योजना और नैनो डीएपी के प्रति किया गया जागरूक

एमसीबी/20 जुलाई 2026/ जिले के तीनों विकासखंड भरतपुर, खड़गवां एवं मनेंद्रगढ़ में कृषि विभाग द्वारा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लगातार जनजागरूकता एवं बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को निःशुल्क गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकों एवं शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी जा रही है।
विकासखंड भरतपुर के ग्राम देवगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में आत्मनिर्भर दलहन योजना के अंतर्गत कृषकों को अरहर एवं उड़द के बीज वितरित किए गए। कार्यक्रम में जनपद सदस्य लालसाय बैगा की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को कृषि उन्नति योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा इफको नैनो डीएपी के उपयोग, लाभ एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। किसानों को समय पर बुवाई, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा जोखिम से सुरक्षा के लिए फसल बीमा कराने के लिए भी प्रेरित किया गया।
इसी क्रम में विकासखंड मनेंद्रगढ़ के ग्राम पंचायत चैनपुर में जिला पंचायत सदस्य उजित नारायण सिंह एवं ग्राम सरपंच की उपस्थिति में आत्मनिर्भर दलहन योजना के अंतर्गत किसानों को निःशुल्क अरहर बीज का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों, गुणवत्तायुक्त बीजों के उपयोग तथा शासन की कृषि हितैषी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।

वहीं विकासखंड भरतपुर के ग्राम पंचायत सिंगरौली में आत्मनिर्भर दलहन एवं तिलहन योजना के अंतर्गत किसानों को अरहर, उड़द एवं तिल के बीज वितरित किए गए। कार्यक्रम में ग्राम सरपंच की उपस्थिति में किसानों को कृषि उन्नति योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा नैनो डीएपी के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी भरतपुर एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सहित विभागीय अमला उपस्थित रहा। अधिकारियों ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कृषि विभाग द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को शासन की विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने, उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने, गुणवत्तायुक्त बीजों के उपयोग तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। इससे किसानों में योजनाओं के प्रति विश्वास बढ़ा है और वे अधिक उत्पादन के साथ आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
जिले के तीनों विकासखंडों में संचालित इन प्रयासों से किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध हो रहे हैं, योजनाओं की जानकारी सीधे गांव स्तर तक पहुंच रही है तथा वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा मिल रहा है। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य को भी मजबूती मिल रही है।

