एमसीबी/20 जुलाई 2026/ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर आयोजित करियर काउंसलिंग श्रृंखला का अंतिम दिवस आज शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय, झगराखांड में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा, करियर, कौशल विकास, आत्मनिर्भरता तथा जीवन में उपलब्ध विभिन्न अवसरों के प्रति जागरूक करना था। अंतिम दिवस के सत्र में बड़ी संख्या में छात्राओं ने सहभागिता करते हुए विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, कौशल विकास कार्यक्रमों तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बालिकाओं को अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्हें यह संदेश दिया गया कि शिक्षा और कौशल ही आत्मनिर्भर एवं सशक्त भविष्य की सबसे मजबूत नींव हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग के महिला सशक्तिकरण केंद्र से उपस्थित जेंडर विशेषज्ञ श्रीमती शैलजा गुप्ता ने बालिकाओं को लैंगिक समानता, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं महिला सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा समाज में सकारात्मक बदलाव की सहभागी बनने का आह्वान किया।

वित्तीय साक्षरता एवं समन्वय विशेषज्ञ श्रीमती अनीता शाह ने छात्राओं को बचत, बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान, वित्तीय प्रबंधन एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वित्तीय रूप से जागरूक होकर बालिकाएं भविष्य में अपने परिवार एवं समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से उपस्थित श्रीमती अंजनी यादव ने बालिकाओं को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों, महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों, साइबर सुरक्षा, बाल विवाह निषेध, घरेलू हिंसा से संरक्षण तथा निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर बिना संकोच संबंधित विभागों एवं विधिक संस्थाओं से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती वीरांगना श्रीवास्तव, कावेरी सिंह एवं शुभम सिन्हा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान करते हुए छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास, व्यक्तित्व विकास एवं आत्मविश्वास बढ़ाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मार्गदर्शन कार्यक्रम बालिकाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए नई प्रेरणा और सही दिशा प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर छात्राओं ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। बालिकाओं ने इस प्रकार के करियर मार्गदर्शन एवं कौशल विकास कार्यक्रमों को भविष्य निर्माण के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत आयोजित इस करियर काउंसलिंग श्रृंखला ने बालिकाओं में आत्मविश्वास का संचार करने, उन्हें शिक्षा एवं कौशल विकास के प्रति प्रेरित करने तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी पहल के रूप में अपनी सार्थक भूमिका निभाई।

