एमसीबी/23 जून 2026/ जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर सुश्री संतान देवी जांगड़े की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में आगामी 28, 29 एवं 30 जून 2026 को संचालित होने वाले त्रि-दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों, माइक्रोप्लानिंग, जनजागरूकता तथा विभिन्न विभागों के समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 51,013 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के प्रथम दिवस 28 जून को सभी निर्धारित पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई जाएगी, जबकि 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उन्हें दवा पिलाएंगी।
बैठक में नगरपालिका परिषद मनेंद्रगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अकिता सोम, अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आदित्य शर्मा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विनीत विश्वकर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वासिक असदक, जिला सर्विलांस अधिकारी (आईडीएसपी) डॉ. सुधांशु पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
“एक भी बच्चा न छूटे“: कलेक्टर
बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर सुश्री संतान देवी जांगड़े ने कहा कि पल्स पोलियो अभियान राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के प्रत्येक पात्र बच्चे को पोलियो की खुराक पहुंचाना विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों, प्रवासी श्रमिकों की बस्तियों, दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तथा शहरी झुग्गी बस्तियों में विशेष ध्यान दिया जाए ताकि कोई भी बच्चा अभियान से वंचित न रहे।


व्यापक माइक्रो प्लानिंग और विशेष रणनीति
बैठक में जिला टीकाकरण अधिकारी को प्रत्येक बूथ, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों एवं दुर्गम क्षेत्रों के लिए विस्तृत माइक्रोप्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए जिला पंचायत और महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों तथा स्व-सहायता समूहों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्रों में विशेष निगरानी के लिए नगरपालिका के सहयोग से झुग्गी बस्तियों, संवेदनशील वार्डों एवं भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल टीमों की तैनाती की जाएगी। वहीं बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं प्रमुख चौराहों पर ट्रांजिट टीमें तैनात रहेंगी, ताकि यात्रा कर रहे बच्चों को भी पोलियो की खुराक दी जा सके।
निगरानी के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
कलेक्टर ने अभियान के दौरान सतत निगरानी एवं पर्यवेक्षण के लिए जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला सर्विलांस अधिकारी (आईडीएसपी), जिला क्षय रोग अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला डाटा प्रबंधक, आरएमएनसीएच सलाहकार एवं डीपीएचएनओ सहित संबंधित अधिकारियों को तीनों दिनों तक फील्ड में सक्रिय रहकर अभियान की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
तीन चरणों में चलेगा अभियान
28 जून 2026 (प्रथम दिवस): सभी निर्धारित पोलियो बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई जाएगी।
29 जून 2026 (द्वितीय दिवस): स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक देंगे।
30 जून 2026 (तृतीय दिवस): अंतिम चरण में पुनः गृह भ्रमण कर सभी पात्र बच्चों को कवर किया जाएगा।

