📍 कोरिया/छत्तीसगढ़
(विशेष संवाददाता):
निलेश सोनी
देशभर में आदिवासी अस्मिता और अधिकारों की आवाज को मजबूत करने की दिशा में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) लगातार सक्रिय नजर आ रही है।
इसी कड़ी में 25 जून 2026 को छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर स्थित प्रेमाबाग में ‘महारानी दुर्गावती बलिदान दिवस’ का भव्य आयोजन प्रस्तावित है, जो अब क्षेत्रीय नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
इस आयोजन को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व का स्पष्ट समर्थन प्राप्त है।
पार्टी के राष्ट्रीय पर महासचिव श्याम सिंह मरकाम और राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर सिंह मरकाम के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आदिवासी समाज की ऐतिहासिक विरासत को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ राजनीतिक चेतना को नई दिशा देने का कार्य करेगा।
कार्यक्रम में महारानी दुर्गावती के बलिदान को याद करते हुए उनके संघर्ष, साहस और स्वाभिमान को वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक संदर्भों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
पार्टी का मानना है कि आदिवासी समाज के अधिकार, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं।

राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्व:
यह आयोजन गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के लिए एक मजबूत राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व इसे आदिवासी समाज के एकीकरण, जागरूकता और अधिकारों की लड़ाई को राष्ट्रीय मंच पर लाने की रणनीति के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।
इस प्रकार के कार्यक्रम आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति को प्रभावित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय विमर्श में भी आदिवासी मुद्दों को प्रमुखता दिला सकते हैं।
जनहित और सामाजिक प्रभाव:
कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा, रोजगार, वनाधिकार, सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इससे न केवल स्थानीय लोगों में जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि सरकार और प्रशासन पर भी सकारात्मक दबाव बनेगा कि वे आदिवासी समाज के हित में ठोस कदम उठाएं।
‘महारानी दुर्गावती बलिदान दिवस’ का यह आयोजन केवल एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी स्वाभिमान, राजनीतिक सशक्तिकरण और जनहित की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में उभर रहा है।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेतृत्व में यह पहल आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत जनआंदोलन का रूप ले सकती है।

