रिपोर्ट नीलेश सोनी
चिरमिरी
/छत्तीसगढ़।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) ने जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्याम सिंह मरकाम के नेतृत्व में “बिरसिंघी चलो” अभियान के तहत बड़े स्तर पर धरना, प्रदर्शन एवं कार्यालय घेराव का आयोजन घोषित किया गया है।
फ्लेक्स बैनर के माध्यम से जारी सूचना के अनुसार, यह एक दिवसीय आंदोलन 18 जून, गुरुवार को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक SECL मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय एवं नगर पालिक निगम कार्यालय (GM ऑफिस के समीप) में आयोजित किया जाएगा।
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जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति
पार्टी के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि बिरसिंघी क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर कई बार ज्ञापन दिए जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी के विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है।
श्याम सिंह मरकाम ने कहा कि:
“जनता की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, अब गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जनआंदोलन के माध्यम से जवाब मांगेगी।”

संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का अभियान
इस कार्यक्रम को केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि संगठन सशक्तिकरण अभियान के रूप में भी देखा जा रहा है। जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया है।
पार्टी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि इस आंदोलन के माध्यम से:
जनहित मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा
आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता दी जाएगी
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को जमीनी स्तर से और मजबूत किया जाएगा
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GGP का यह आंदोलन केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर आदिवासी अधिकारों और क्षेत्रीय विकास के बड़े विमर्श से जोड़ने की रणनीति है।

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“बिरसिंघी चलो” अभियान के जरिए गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने साफ संकेत दे दिया है कि वह अब जनहित, क्षेत्रीय विकास और आदिवासी अधिकारों के मुद्दों पर आक्रामक भूमिका में नजर आएगी। आने वाले समय में यह आंदोलन पार्टी की राजनीतिक स्थिति को और मजबूत कर सकता है।

