निलेष सोनी सोनहत….
बदहाली पर जनता में भारी आक्रोश *?
[स्थान ग्राम पंचायत कटगोड़ी],
एक तरफ जहाँ सरकार ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ग्राम पंचायत कटगोडी में सोनहत और प्रशासनिक लापरवाही की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। ?

यहाँ बना सामुदायिक शौचालय अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है। ?

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जब से इस शौचालय का निर्माण हुआ है, आज तक इसका ताला नहीं खुला।?
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी स्वच्छता मुहिम ?
शौचालय की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि यह किसी भी समय गिर सकता है। ?
दीवारों में दरारें आ गई हैं? और रख-रखाव के अभाव में यह खंडहर में तब्दील हो चुका है।?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जनता के उपयोग के लिए इसे कभी खोला ही नहीं गया, तो इसके निर्माण पर लाखों रुपये खर्च करने का क्या औचित्य था?
यह सीधे तौर पर सरकारी धन की लूट और जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ है। ?
कागजों पर सफाई, जमीन पर गंदगी का अंबार
हैरानी की बात यह है कि बाजार और सार्वजनिक क्षेत्रों की सफाई के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है।?
शौचालय के आसपास गंदगी का साम्राज्य है। ?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन केवल औपचारिकताएं पूरी करने में लगा है, जबकि आम नागरिक बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।?
प्रशासनिक चुप्पी पर उठते सवाल
इस मामले में ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों की चुप्पी उनकी संलिप्तता की ओर इशारा करती है। एक सरकारी संपत्ति का बनकर तैयार होना और फिर कभी इस्तेमाल न हो पाना, विभाग की कार्यशैली पर गहरा धब्बा है। ?
> कड़े शब्दों में निंदा: हम इस घोर लापरवाही की कड़ी आलोचना करते हैं। ?
यह न केवल स्वच्छता अभियान का अपमान है, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ किया जा रहा एक खिलवाड़ है। ?
जनता के टैक्स के पैसे को इस तरह जर्जर खंडहरों में तब्दील करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।
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हमारीमांग: उच्च अधिकारियों को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। शौचालय की जर्जर स्थिति की जाँच हो, इसे अविलंब ठीक कराकर जनता के लिए खोला जाए और इस बर्बादी के लिए जिम्मेदार दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।??
ग्राम पंचायत कटगोड़ी



