पद्म पुरस्कार, अर्थात, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री, देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से हैं। 1954 में स्थापित, इन पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। इस पुरस्कार में “उत्कृष्ट कार्य” को मान्यता प्रदान की जाती है और इसे सभी क्षेत्रों, विषयों जैसे कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग आदि में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों, सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। कोई भी व्यक्ति, किसी जाति, व्यवसाय, हैसियत या लिंग के भेदभाव के बिना, इन पुरस्कारों के पात्र है। इन पुरस्कारों के लिए भारत सरकार के सभी मंत्रालयों, विभागों के साथ-साथ अनेक अन्य स्रोतों से भी नामांकन आमंत्रित करने की परंपरा है ताकि इन पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा सके।
पद्म पुरस्कार के लिए नामांकन/सिफारिशें केवल ऑनलाइन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in/
ऑनलाइन सिफारिश करने की क्रमवार प्रक्रिया उपर्युक्त पोर्टल https://awards.gov.in/ बताई गई है। इन पुरस्कारों से संबंधित विधान और नियमावली वेबसाइट https://padmaawards.
उपर्युक्त पृष्ठभूमि में, मैं अनुरोध करता हूं कि कृपया गणतंत्र दिवस, 2026 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कार के लिए उपयुक्त नामांकन प्रेषित करें। सिफारिशों को अंतिम रूप देते समय, निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखा जाना चाहिए: -जिन व्यक्तियों की सिफारिश की गई है, उनकी जीवन भर की उपलब्धि को देखते हुए, वे इस पुरस्कार के सर्वधा योग्य हों। चयन के लिए मानदंड अनिवार्य रूप से “अत्यंत उत्कृष्ट” होना चाहिए और इन पुरस्कारों के लिए व्यक्तियों की सिफारिश करते समय उच्चतम मानदंडों के आधार को अपनाना चाहिए। पुरस्कार के लिए अनुशंसित व्यक्ति की उपलब्धियों में सार्वजनिक सेवा एक वांछनीय घटक होगा। चुकी पद्म पुरस्कार देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है, इसलिए यह भी विचार किया जाना चाहिए कि क्या अनुशंसित व्यक्ति को इससे पहले उनके संबंधित क्षेत्र में किसी राष्ट्रीय पुरस्कार या राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है अथवा नहीं। इन पुरस्कारों के लिए महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, जैसे अनुसूचित जातियों और जनजातियों, दिव्यांग व्यक्तियों, आदि में से ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने के प्रयास किए जाएं जो पुरस्कार के लिए विचार किए जाने के हकदार हैं। यह पुरस्कार आमतौर पर मरणोपरांत नहीं दिया जाता है। तथापि, अत्यंत पात्र मामलों में, सरकार मरणोपरांत पुरस्कार देने पर विचार कर सकती है, यदि सम्मानित किए जाने वाले व्यक्ति का निधन हाल ही के उस गणतंत्र दिवस से पहले एक वर्ष की अवधि के भीतर हुआ हो, जिस पर पुरस्कार की घोषणा किए जाने का प्रस्ताव है।उच्चतर श्रेणी के पद्म पुरस्कार के लिए उस व्यक्ति के बारे में भी विचार किया जा सकता है जिन्हें यह पुरस्कार पहले प्रदान किया गया हो, बशर्ते इस बीच कम से कम पांच साल की अवधि बीत गई हो। हालांकि, असाधारण रूप से पात्र मामलों में छूट देने पर भी विचार किया जा सकता है। डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को छोड़कर, सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में काम करने वाले व्यक्तियों सहित सरकारी सेवक, पद्म पुरस्कार के लिए पात्र नहीं हैं। यह महत्वपूर्ण है कि आपके मंत्रालय, विभाग से नामांकन, सिफारिश एक प्रक्रिया के माध्यम से आए। पद्म पुरस्कारों के लिए उम्मीदवारों की पहचान करने के लिए आप एक समिति गठित करने पर विचार कर सकते हैं एवं उनके कार्यों को ध्यान में रखते हुए शीर्ष योग्य उम्मीदवारों को नामित कर सकते हैं। पद्म पुरस्कार के लिए ऑनलाइन नामांकन, सिफारिशों 15 मार्च, 2025 से शुरू हो गई है और नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2025 है। अंतिम तिथि का सख्ती से पालन किया जाए क्योंकि 15 मार्च, 2025 से 31 जुलाई, 2025 के बीच प्राप्त नामांकनों पर ही विचार किया जाएगा। यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि केवल ऑनलाइन प्राप्त नामांकन/सिफारिशों पर ही विचार किया जाएगा।



