चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना, जानिए महत्व, पूजाविधि और मंत्र………..
नवरात्रि के सातवें दिन देवी कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्व होता है। देवी भागवत पुराण के अनुसार, देवी कालरात्रि का स्वरूप अत्यंत उग्र और भयावह है, लेकिन वे भक्तों के सभी प्रकार के भय को नष्ट करने वाली हैं। इनकी साधना करने से साधक के जीवन में आने वाली हर बाधा दूर होती है और उसे आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। देवी कालरात्रि दुष्ट आत्माओं, राक्षसों और नकारात्मक शक्तियों का नाश करती हैं, इस कारण उन्हें “शुभंकारी” भी कहा जाता है।