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महाशिवरात्रि 2025- कल मनाएं भगवान शिव की महापूजा, जानें समय, महत्व और पूजा विधि……………..

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महाशिवरात्रि का पर्व कल मनाया जाएगा। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली शिवरात्रि का अत्यधिक महत्व है। इस दिन शंकर जी और देवी पार्वती की पूजा करने से वे प्रसन्न होते हैं और सभी दुखों का निवारण करते हैं। इस अवसर पर महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। यह पर्व भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।

महाशिवरात्रि का महत्व
महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से भक्तों को उनकी कृपा प्राप्त होती है और उनके जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

महाशिवरात्रि की पूजा विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
भगवान शिव की मूर्ति या चित्र को साफ करें और उनके सामने दीपक जलाएं।
भगवान शिव को जल, दूध, और फल चढ़ाएं।
भगवान शिव की आराधना करें और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करें।
रात में भगवान शिव की पूजा करें और उनके सामने जागरण करें।

महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर क्या अर्पित करें:

  • दूध: दूध को चंद्रमा का प्रतीक माना जाता है जिसे शिवलिंग पर अर्पित करने से मानसिक शांति मिलती है।
  • दही: दही शुक्र का प्रतीक हैं इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से जीवन में समृद्धि आती है।
  • शहद: शहद को सूर्यदेव का प्रतीक माना जाता है और इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से तेज और यश की प्राप्ति होती है।
  • घी: घी को अग्नि का प्रतीक माना जाता है जिसे शिवलिंग पर अर्पित करने से रोगों से मुक्ति मिलती है।
  • गंगाजल: गंगाजल को मोक्ष का प्रतीक माना जाता है और भगवान शिव का इससे जलाभिषेक करने से सभी पाप नष्ट होते हैं।
  • बेल पत्र: बेल पत्र भगवान शिव का प्रिय माना जाता है और इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।
  • धतूरा: धतूरा भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है और इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से शत्रुओं का नाश होता है।
  • फूल: फूल प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है और इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।
  • चावल: चावल अन्न का प्रतीक माना जाता है और इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व है। यहाँ कुछ विशेष बातें हैं जो आपको जाननी चाहिए:

शिवलिंग की पूजा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं।
शिवलिंग की पूजा करने से मनुष्य के पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष प्राप्त होता है।
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल, दूध, और फल चढ़ाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।
शिवलिंग की पूजा करने से मनुष्य को शांति, समृद्धि, और सुख प्राप्त होता है।

महाशिवरात्रि पर चार प्रहर पूजा मुहूर्त: 
प्रथम प्रहर पूजा समय –  26 फरवरी को शाम 06 बजकर 19 मिनट से रात 09 बजकर 26 मिनट तक
द्वितीय प्रहर पूजा समय – 26 फरवरी को रात 09 बजकर 26 मिनट से रात 12 बजकर 34 मिनट तक
तृतीय प्रहर पूजा समय – 27 फरवरी की रात 12 बजकर 34 मिनट से सुबह 03 बजकर 41 मिनट तक
चतुर्थ प्रहर पूजा समय – 27 फरवरी को सुबह 03 बजकर 41 मिनट से सुबह 06 बजकर 44 मिनट तक

महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं
महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं आप सभी को! भगवान शिव की कृपा से आपके जीवन में सुख-समृद्धि आए।

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