कई वर्षों से लगा ताला, निजी उपयोग में लेने का आरोप—जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
विशेष समाचार -बेनी माधव कुशवाहा (डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर शहडोल)
दरौड़ी। ग्राम पंचायत दरौड़ी में आजीविका कार्यालय के लिए निर्मित शासकीय भवन के लंबे समय से बंद पड़े रहने और उस पर पूर्व सरपंच द्वारा कथित रूप से कब्जा कर निजी उपयोग किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन की राशि से तैयार किए गए इस भवन पर कई वर्षों से ताला लगा हुआ है, जिसके कारण इसका वास्तविक शासकीय उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व सरपंच द्वारा उक्त शासकीय भवन का कथित रूप से अपने निजी स्वार्थ में उपयोग किया जा रहा है। यदि आरोप सही हैं तो यह सरकारी संपत्ति के उपयोग और संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस भवन का निर्माण आजीविका संबंधी गतिविधियों और कार्यालयीन कार्यों के लिए किया गया था, वह वर्षों से बंद पड़ा है और जरूरतमंद ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिम्मेदार अधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित जनपद पंचायत एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि भवन का मौके पर निरीक्षण कराकर उसकी वर्तमान स्थिति की जांच की जाए, ताला किसके द्वारा लगाया गया और भवन का उपयोग किस आधार पर किया जा रहा है, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही यदि शासकीय भवन का अनधिकृत कब्जा या निजी उपयोग पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए भवन को शासन के निर्धारित उद्देश्य के लिए उपलब्ध कराया जाए।
अब देखना यह है कि शासकीय भवन पर वर्षों से लगे ताले और कथित निजी कब्जे की शिकायत पर जिम्मेदार अधिकारी कब जांच शुरू करते हैं और सरकारी संपत्ति को वास्तविक उपयोग के लिए कब मुक्त कराते हैं।



