कलेक्टर ने किसानों से किया सीधा संवाद, गन्ना उत्पादन एवं रकबा बढ़ाने किसानों को किया प्रोत्साहित
सूरजपुर/24 अक्टूबर 2026/ माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाना केरता में कलेक्टर श्रीमती रेना जमील की उपस्थिति में गन्ना कृषक चौपाल एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में गन्ना उत्पादन, रकबा विस्तार, रिकवरी बढ़ाने, किसानों को समय पर भुगतान तथा कारखाने के सुचारू संचालन सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र सिंह पाटले, अनुविभागीय अधिकारी श्री रमेश मोर,कारखाना प्रबंधन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गन्ना उत्पादक किसान उपस्थित रहे।
चौपाल के दौरान कलेक्टर ने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं एवं सुझाव सुने। किसानों ने गन्ने के भुगतान में देरी, खेती की बढ़ती लागत, श्रमिकों की उपलब्धता तथा कारखाने के संचालन से जुड़ी समस्याएं रखीं। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती जमील ने कहा कि शासन के निर्धारित नियमों के अनुरूप क्रियान्वयन की जाएगी। उन्होंने किसानों को शासन द्वारा 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि दर के बारे में अवगत कराया तथा शासन द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि गन्ना उत्पादक किसान शक्कर कारखाने के अभिन्न अंग हैं। किसानों के सहयोग एवं उत्पादन पर ही कारखाने का संचालन निर्भर करता है। उन्होंने जिले में गन्ने के घटते उत्पादन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में लगभग 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती थी, जो घटकर लगभग 6 हजार हेक्टेयर रह गई है।
उन्होंने कहा कि कारखाने की स्थापित क्षमता का वर्तमान में 50 प्रतिशत भी उपयोग नहीं हो पा रहा है। पर्याप्त मात्रा में गन्ने की उपलब्धता सुनिश्चित होने से कारखाने का संचालन अधिक दिनों तक किया जा सकेगा, जिससे किसानों के साथ स्थानीय श्रमिकों को भी लाभ मिलेगा। वर्तमान में लगभग 600 श्रमिकों को तीन माह तक रोजगार मिल पा रहा है, जबकि कारखाने का पूर्ण क्षमता से संचालन होने पर रोजगार की अवधि छह माह तक बढ़ सकती है।
कलेक्टर ने गन्ने से शक्कर की रिकवरी दर पर चर्चा करते हुए कहा कि पूर्व विगत वर्षों में रिकवरी लगभग 14 प्रतिशत रही है वर्तमान में रिकवरी लगभग 9 प्रतिशत है, इसे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने विगत दो-तीन वर्षों से रिकवरी में आ रही गिरावट के कारणों की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक उपाय अपनाने की बात कही। उन्होंने गन्ने की गुणवत्ता, कटाई एवं पेराई के बीच समय-अंतराल कम करने पर विशेष जोर देते हुए कटाई के 48 घंटे के भीतर गन्ने की पेराई सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने किसानों को शरदकालीन गन्ने की खेती, उन्नत कृषि तकनीक एवं ड्रिप सिंचाई पद्धति अपनाकर उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से कहा कि जिले में खाद आवश्यक मात्रा में उपलब्ध है। गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी तथा किसानों को आवश्यकता के अनुरूप कृषि संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसानों के लिए प्रक्षेत्र भ्रमण,फसल प्रदर्शन कराने के निर्देश दिए।
कार्यशाला में कारखाना प्रबंधक ने शक्कर के विक्रय एवं किसानों को भुगतान की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार से शक्कर विक्रय की अनुमति चरणबद्ध तरीके से प्राप्त होती है, जिसके कारण विक्रय से राशि भी किस्तों में प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि भुगतान की प्रक्रिया में शासन के निर्धारित प्रावधानों का पालन करते हुए किसानों को प्राथमिकता से भुगतान करने का प्रयास किया जाएगा।
ताकि किसान अपनी उपज से प्राप्त राशि का समय पर उपयोग कर सकें।
कार्यशाला में किसानों को गन्ना विकास योजना, उन्नत उत्पादन तकनीक, सिंचाई प्रबंधन एवं उत्पादन वृद्धि के उपायों की जानकारी भी दी गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं के समाधान तथा गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
इस दौरान कलेक्टर श्रीमती जमील ने सड़क सुरक्षा के प्रति भी जागरूक करते हुए किसानों से अपील की है कि वे नाबालिगों को वाहन चलाने न दें तथा शराब के नशे में वाहन चलाने से स्वयं बचें अन्य लोगों को भी प्रेरित करे। उन्होंने सभी से यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह किया।


