सूरजपुरकलेक्टर श्रीमती रेना जमील की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आकांक्षी विकासखंड (एबीपी) प्रतापपुर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नीति आयोग, नई दिल्ली के अधिकारी श्री मुखर्जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान आकांक्षी विकासखंड में निर्धारित संकेतकों के आधार पर विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।
आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध सेवाएं, पेयजल, स्वच्छता, आधारभूत अधोसंरचना, सामाजिक विकास एवं वित्तीय समावेशन सहित विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में निर्धारित संकेतकों के आधार पर विकास की स्थिति का आकलन किया जाता है। बैठक में इन संकेतकों में बेहतर प्रदर्शन के लिए विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष जोर:-
स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 07 संकेतकों के आधार पर संस्थागत प्रसव, जन्म के समय शिशु का वजन तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल एवं शौचालय जैसी सुविधाओं की जानकारी ली गई। इस दौरान नीति आयोग के प्रतिनिधि श्री मुखर्जी ने टीबी के मरीजों की समय पर पहचान, बेहतर उपचार तथा टीबी की रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महिला एवं बाल पोषण से संबंधित 07 संकेतकों की भी समीक्षा की गई। बैठक में कुपोषण को पूर्ण रूप से समाप्त करने के लिए प्रभावी एवं परिणाममूलक कार्ययोजना के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल, शौचालय एवं स्वच्छता की सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आवासीय विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में खाद्यान्न सामग्री का व्यवस्थित रखरखाव, स्वच्छ पेयजल एवं साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा बच्चों को अनुकूल एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि एवं सीखने की क्षमता को बढ़ावा मिले।
इसके अलावा बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से खाद्यान्न वितरण की स्थिति की भी जानकारी ली गई।

किसानों को मृदा स्वास्थ्य की जानकारी देने के निर्देश:-
कृषि एवं संबद्ध विभागों से संबंधित 05 संकेतकों की समीक्षा के दौरान पीएम किसान योजना के क्रियान्वयन, पशुओं के टीकाकरण तथा भूजल की स्थिति की जानकारी ली गई। साथ ही सॉयल हेल्थ कार्ड की प्रगति एवं उपयोगिता की समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने निर्देश दिए कि किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी भूमि की मृदा की गुणवत्ता एवं पोषक तत्वों की स्थिति की पूरी जानकारी भी दी जाए, ताकि किसान अपनी भूमि के अनुकूल फसल का चयन कर सकें। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल आयोजित कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य एवं संतुलित कृषि के संबंध में जानकारी देने के निर्देश दिए।

हर घर जल, स्वच्छता एवं डिजिटल कनेक्टिविटी की समीक्षा:-
जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रतापपुर विकासखंड में पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों से सभी घरों तक नियमित पेयजल आपूर्ति की स्थिति की जानकारी लेते हुए शेष घरों को भी जलापूर्ति से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत विकासखंड में स्वच्छता की स्थिति एवं शौचालयों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। वहीं भारतनेट कनेक्टिविटी के संबंध में ग्राम पंचायतवार जानकारी लेते हुए सभी ग्राम पंचायतों में इंटरनेट नेटवर्क का विस्तार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बेहतर हो सके।

पीएम आवास एवं सामाजिक विकास की समीक्षा:-
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों की प्रगति एवं निर्माण की स्थिति की समीक्षा की गई। सामाजिक विकास के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों में महिलाओं की सदस्यता तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच की जानकारी ली गई। पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने तथा वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए निर्देश:-
शिक्षा विभाग की 11 संकेतकों के आधार पर समीक्षा की गई। बैठक में स्कूली शिक्षा व्यवस्था, शिक्षा के स्तर में सुधार एवं शिक्षा उन्नयन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
इसके दौरान कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने अधिकारियों को आकांक्षी विकासखंड के निर्धारित संकेतकों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने, योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने तथा पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
नीति आयोग के अधिकारी श्री मुखर्जी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रतापपुर विकासखंड में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, पेयजल, स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं एवं सामाजिक विकास के क्षेत्र में निरंतर सुधार सुनिश्चित करें।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेंद्र सिंह पाटले, डिप्टी कलेक्टर श्री रमेश मोर सहित कृषि, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन, ठैछस्, स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतापपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित रहे।

