विशेष समाचार – बेनी माधव कुशवाहा
शहडोल। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जिले में आयोजित किए जा रहे जन विश्वास शिविरों का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना है। शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा। जन विश्वास शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। अतः सभी नागरिक इन शिविरों का अधिकतम लाभ उठाएं तथा अपने परिवार, पड़ोसियों एवं अन्य लोगों को भी इसमें सहभागिता हेतु प्रेरित करें।
जनपद पंचायत जयसिंहनगर में मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम के तहत आयोजित होने वाले शिविरों की नोडल अधिकारी एसडीएम जयसिंहनगर काजोल सिंह तथा सहायक नोडल अधिकारी सीईओ जनपद पंचायत जयसिंहनगर शिवानी जैन, तहसीलदार जयसिंहनगर सुषमा धर्वे, नायब तहसीलदार शनि कुमार द्विवेदी होंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार क्लस्टर अमझोर के अमझोर ग्राम पंचायत भवन में शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें अमझोर, उचेहरा, कुबरा, झारा, गोपालपुर, चितरांव, तेन्दूटोला, दरोड़ी, बदकाडोल, मसियारी, लखनौटी एवं सरवारी सहित 12 गांवों के नागरिक शामिल होकर शिविर का लाभ ले सकेंगे। जिसके प्रभारी अधिकारी एडीएम सरोधन सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) अखिलेश मिश्रा, सहायक आपूर्ति अधिकारी प्रदीप द्विवेदी, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री प्रतीक खरे हैं।
क्लस्टर आमडीह के आमडीह ग्राम पंचायत भवन में शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें आमडीह, गिरूई खुर्द, छक्ता, छुदा, झिरिया, झिरियाटोला, डोडा, नगनौडी, बतोड़ी, बांसा, बलोड़ी वेस्ट एवं सांनोसी ग्राम शामिल हैं। जिसके प्रभारी अधिकारी ईई पीआईयू रमाकांत पाण्डेय, ईई पीएचई एस.एल. धुर्वे, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग आनंद राय सिन्हा, जिला योजना अधिकारी डी.के. अहिरवार हैं।
क्लस्टर कनाड़ीखुर्द के कनाड़ीखुर्द ग्राम पंचायत भवन में शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें कनाड़ी खुर्द, कनाड़ीकला, गिरूई बड़ी, जमुनिहा, ठेंगरहा, देवरा, देवरी, पसौढ़, बनचाचार, बरना, बसोहरा एवं मसीरा ग्राम शामिल हैं। जिसके प्रभारी अधिकारी प्रभारी आपूर्ति अधिकारी भगीरथी लहरे, प्रबंधक डीआईसी शैलेंद्र विश्वकर्मा एवं जिला आबकारी अधिकारी सावित्री भगत।
क्लस्टर कुदरी के कुदरी ग्राम पंचायत भवन में शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में कुदरी, गजनी, गंधि़या, छपरा टोला, जगड़ा, दरैन, दादर, नवाटोला, भटिगवांखुर्द, मीठी, रिमार, लपरी एवं सीधी ग्राम शमिल हैं। जिसमें प्रभारी अधिकारी कार्यपालन यंत्री आरईएस शुभम शर्मा, डीपीसी अमरनाथ सिंह, खनिज अधिकारी राहुल शांडिल्य एवं एसडीओ पीएचई विवेक तिवारी।
क्लस्टर कौआसराई के कौआसराई ग्राम पंचायत भवन में शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में कौआसराई, कतिरा, करकी, कोठीगढ़, सरई, घियार, चंदेला, तटकोढोलर, बिजहा, बिनेका, मोहनी, सेमरा एवं हिड़वाह ग्राम शामिल है। जिसके प्रभारी अधिकारी सहायक संचालक कृषि अनुराग पटेल, सहायक संचालक (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण) तीरथ गर्में एवं सीईओ सीसीबी।
क्लस्टर बनसुकली के बनसुकली ग्राम पंचायत भवन में शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में बनसुकली, कुण्डाटोला, गजवाही, चरहेट, जमुड़ी, पतेरिया टोला, पथवार, पहडिया, पिपरी, पोड़ी, भर्री, मुदरिया टोला एवं महुआ टोला ग्राम पंचायतें शमिल हैं। जिसके प्रभारी अधिकारी एडीएम मिनिशा भगवती पाण्डेय, ईई बिजली विभाग जितेन्द्र कुमार एवं उपसंचालक कृषि के.एस. यादव होंगे।
क्लस्टर बराछ के बराछ ग्राम पंचायत भवन में शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में बराछ, घोरसा, जोरा, टिहकी, तेन्दुआड़, बरकछ, बराछ ग्राम पंचायतें शामिल हैं। जिसके प्रभारी अधिकारी उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ. अशोक कुमार सिंह, डीपीएम एनआरएलएम अजय सिंह, जीएम पीएमजीएसवाय रजुल नामदेव एवं एसडीओ पीएचई ए.के. श्रीवास्तव होगें ।
क्लस्टर बसही के बसही ग्राम पंचायत भवन में शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में बसही, छतेनी, लगावर, पथरहटा, पोड़ी कला एवं रेउसा ग्राम पंचायतें शामिल हैं। जिसके प्रभारी अधिकारी सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा, ईई पीडब्ल्यडी देवन सिंह मरकाम, उपआयुक्त सहकारिता अभय सिंह एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. शशिप्रभा पाण्डेय हैं।
जिला प्रशासन ने ग्रामीण नागरिकों से अपील की है कि वे 14 अगस्त 2026 को अपने नजदीकी शिविर स्थल पर पहुंचकर अपनी समस्याओं एवं शिकायतों के निराकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत करें। शिविरों में नामांतरण, फौती, राशन कार्ड, पेंशन सहित विभिन्न समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य है कि ग्रामीण नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से जिला अथवा तहसील मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें शासन की सेवाएं एवं योजनाओं का लाभ उनके गांव के समीप ही उपलब्ध कराया जा सके।

