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एमसीबी, मसीबी के 8 ग्रामसभाओं में सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन को मिलेगा बढ़ावा, तकनीकी सहयोगी संस्थाओं के चयन की प्रक्रिया शुरू

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14 अगस्त शाम 5:30 बजे तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे आवेदन, संस्था का ग्राम सभा के माध्यम से वन संसाधन प्रबंधन में सक्रिय अनुभव होना अनिवार्य

एमसीबी कलेक्टर (आदिवासी विकास) कार्यालय मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा जिले में सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास रायपुर के पत्र क्रमांक / GNCOR/19316/2026- FRA ST-SC HOD अटलनगर दिनांक 28 जुलाई 2026 के माध्यम से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) के अंतर्गत वन अधिकार अधिनियम के बेहतर क्रियान्वयन के लिए मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की 08 ग्रामसभाओं के लिए सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन योजना के प्रस्तुतीकरण एवं क्रियान्वयन हेतु स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके तहत जिले में चयनित किए जाने वाले ग्रामों के लिए तकनीकी सहयोगी संस्थाओं, सिविल सोसायटी ऑर्गेनाइजेशन एवं स्थानीय संस्थाओं का चयन निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया जाएगा।

तकनीकी सहयोगी संस्था के चयन के लिए निर्धारित अनिवार्य मापदंडों के अनुसार संस्था द्वारा ग्राम सभाओं को वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न विभागों की परियोजनाओं के माध्यम से आजीविका संवर्धन एवं वन प्रबंधन में अभिसरण के माध्यम से सहयोग हेतु प्रयास किया गया होना आवश्यक है। आवेदक संस्था का सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 अथवा राज्य सोसायटी पंजीकरण के तहत सोसायटी या सार्वजनिक ट्रस्ट के रूप में, अथवा कंपनी अधिनियम 2013 के तहत गैर-लाभकारी संस्था के रूप में पंजीकृत होना अनिवार्य है। इसके साथ ही संस्था का गत वर्ष तक का वित्तीय ऑडिट पूर्ण होना चाहिए तथा संस्था नीति आयोग के दर्पण पोर्टल में पंजीकृत होनी चाहिए।
चयन के लिए संस्था के छत्तीसगढ़ राज्य के किसी भी जिले अथवा विकासखंड में वन अधिकार अधिनियम 2006 के क्रियान्वयन में कम से कम तीन वर्ष का अनुभव होना भी आवश्यक है। संस्था द्वारा अलग-अलग ग्राम सभाओं को सहयोग प्रदान किया जाता रहा हो और इस कार्य के अंतर्गत मुख्य रूप से सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों की मान्यता प्रक्रिया के अंतर्गत दावा प्रस्तुत करना, पारंपरिक सीमा का सीमांकन, मानचित्रण तथा सामुदायिक वन संसाधनों के प्रबंधन से संबंधित क्रियाकलापों में तकनीकी सहयोग प्रदान करने का अनुभव शामिल होना चाहिए।
तकनीकी सहयोगी, सिविल सोसायटी ऑर्गेनाइजेशन अथवा स्थानीय संस्था के चयन के लिए संबंधित संस्था के नाम पर ग्राम सभा द्वारा लिखित अनुमोदन प्रदान किया गया होना भी अनिवार्य किया गया है। यदि किसी एक ग्राम सभा में एक से अधिक संस्थाओं द्वारा सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन में सहयोग के लिए आवेदन किया जाता है, तो संबंधित ग्राम सभा स्तर पर संस्थाओं की सामुदायिक वन संसाधन के संबंध में विषय विशेषज्ञता एवं अनुषांगिक कार्य कुशलता के आधार पर संस्था का चयन किया जाएगा।

जिले में चयन किए जाने वाले ग्रामों के लिए तकनीकी सहयोगी, सिविल सोसायटी ऑर्गेनाइजेशन अथवा स्थानीय संस्था के चयन हेतु निर्धारित मापदंडों के अनुसार इच्छुक संस्थाएं 14 अगस्त 2026 को शाम 5:30 बजे तक कार्यालय में उपस्थित होकर अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं। आवेदन कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में जमा किया जा सकता है।

इस संबंध में विस्तृत सूचना कार्यालय के सूचना पटल के साथ-साथ मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.manendragarh-chirimiri-bharatpur.gov.in पर भी देखी जा सकती है। जिला प्रशासन द्वारा इच्छुक पात्र संस्थाओं से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने की अपेक्षा की गई है।
इस पहल का उद्देश्य वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ग्रामसभाओं को सामुदायिक वन संसाधनों के प्रबंधन में तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराना, स्थानीय स्तर पर वन संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देना तथा वन आधारित आजीविका संवर्धन के लिए विभिन्न विभागीय योजनाओं के साथ प्रभावी अभिसरण सुनिश्चित करना है। इससे चयनित ग्राम सभाओं को सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों के प्रभावी उपयोग, प्रबंधन एवं संरक्षण की दिशा में तकनीकी सहायता प्राप्त होगी।

 

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