एमसीबी/12 अगस्त 2026/ मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर राज्य शासन के मंशानुरूप स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जनसम्पर्क विभाग मनेन्द्रगढ़ द्वारा तीन दिवसीय विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया है। यह प्रदर्शनी 12 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक आयोजित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन और युवा पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास तथा देश विभाजन के दर्द से अवगत कराना है।

प्रदर्शनी का गरिमामयी शुभारंभ और अवलोकन प्रदेश के यशस्वी स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, जिले की कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर मनेंद्रगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री धर्मेंद्र पटवा, पूर्व संसदीय सचिव एवं जिला अध्यक्ष श्रीमती चम्पा देवी पावले, तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंकिता सोम एवं अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, एसडीएम लिंगराज सिदार एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

विभाजन के दर्द और देशभक्ति के रंग को बयां करती तस्वीरें
जनसम्पर्क विभाग द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी को तीन प्रमुख विषयों (थीम) पर केंद्रित किया गया है – ‘भारत विभाजन की विभीषिका स्मरण दिवस‘, ‘हर घर तिरंगा‘ और ‘वंदे मातरम‘। प्रदर्शनी में लगाई गई दुर्लभ और ऐतिहासिक तस्वीरें भारत विभाजन की उस दुःखद वास्तविकता, लाखों लोगों के अदम्य साहस, संघर्ष और उनके महान बलिदान को जीवंत करती हैं। इसके साथ ही ‘हर घर तिरंगा‘ और ‘वंदे मातरम‘ के माध्यम से देशभक्ति के जज्बे को बखूबी दर्शाया गया है।

अतिथियों ने सराहा, बच्चों में दिखा भारी उत्साह
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार के निर्णयानुसार 14 अगस्त को ‘भारत विभाजन की विभीषिका स्मरण दिवस‘ के रूप में मनाया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हमारी नई और युवा पीढ़ी को देश के विभाजन की दुःखद सच्चाइयों से परिचित कराना है, ताकि वे उन लाखों लोगों के बलिदान को याद रखकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकें।

कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े और पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रदर्शनी में पहुंचे स्कूली बच्चे ऐतिहासिक तस्वीरों को देखकर बेहद प्रभावित हुए। बच्चों ने कहा कि किताबों में पढ़ी गई इतिहास की बातों को आज तस्वीरों के माध्यम से देखकर उन्हें देश की आजादी और विभाजन के संघर्ष को करीब से समझने का मौका मिला है।



