सूरजपुर/11 अगस्त 2026/ भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं छत्तीसगढ़ शासन आदिम जाति विकास विभाग के निर्देश के अनुपालन में जिले के समस्त आदि सेवा केन्द्रों में 13 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक जन सुनवाई (जन शिकायत निवारण और लाभार्थी संतृप्ति शिविर) का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने जनपद पंचायतों के समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा जिले के सभी संबंधित विभाग प्रमुखों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
जारी निर्देश के अनुपालन में जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के सभी आदि सेवा केन्द्रों में निर्धारित तिथियों पर शिविरों का आयोजन सुनिश्चित करेंगे, वहीं संबंधित विभाग प्रमुख इन शिविरों में अपने विभाग के ग्रामीण स्तर के अमले की उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे, ताकि ग्रामीणों को मौके पर ही योजनाओं की जानकारी और लाभ मिल सके। शिविरों के आयोजन में आदिम जाति विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, कृषि विभाग, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, राजस्व विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा बैंकिंग/सीएससी सहित अन्य विभागों के जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों की भागीदारी अनिवार्य की गई है।
उल्लेखनीय है कि जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देश पर संचालित आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत सूरजपुर जिले के 06 विकासखण्डों के 284 जनजाति बाहुल्य ग्रामों में क्रियान्वयन किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य आदि सेवा केन्द्रों और आदि कर्मयोगी वालिंटियर्स के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में अंतिम छोर तक शासकीय सेवा वितरण को सुदृढ़ करना है। ग्राम स्तरीय इन केन्द्रों को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत पात्रता संबंधी सुविधा, शिकायत निवारण, शासकीय योजनाओं के समन्वय और सामुदायिक सहभागिता के स्थायी मंच के रूप में विकसित किया गया है, जबकि प्रशिक्षित स्थानीय वालिंटियर्स जागरूकता सृजन, नागरिक सुविधा विस्तार, डिजिटल दस्तावेजीकरण तथा शिकायतों के अनुवर्ती कार्य में सहयोग करते हैं।

