सूरजपुर जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र पाटले की अध्यक्षता में सोमवार को समय सीमा की बैठक संपन्न हुई, जिसमें स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों तथा राष्ट्रीय गीत ‘‘वंदे मातरम्‘‘ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित हर घर तिरंगा कार्यक्रम के सफल संपादन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में छत्तीसगढ़ के 23 जिलों में 31 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र हितग्राहियों को लाभाविंत कराने के लिए शुरू कराये जा रहे अभियान ‘‘सुघ्घर छत्तीसगढ़‘‘ को लेकर भी चर्चा की गयी।
योजना को लेकर जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र सिंह पाटले ने कहा कि ‘‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ जन केन्द्रित सुशासन की ओर एक सकारात्मक पहल है। जिसका उदद्ेश्य छत्तीसगढ़ के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक विकास, सम्मान, सुरक्षा व समृद्धी के अवसरो की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है।

बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों से ‘‘निक्षय मित्र‘‘ बनने की अपील करते हुए श्री पाटले ने कहा कि टीबी पूर्णतः उपचार योग्य बीमारी है और सही जांच व पूर्ण इलाज से इसे ठीक किया जा सकता है। शासन द्वारा जांच एवं दवा निःशुल्क उपलब्ध कराए जाने के बावजूद शारीरिक कमजोरी, पौष्टिक आहार की कमी और सामाजिक सहारे के अभाव में कुछ मरीज स्वस्थ नहीं हो पाते, इसी समस्या के समाधान हेतु भारत सरकार ने यह योजना प्रारंभ की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक, चिकित्सक, छात्र, समाजसेवी सहित कोई भी संवेदनशील नागरिक व्यक्तिगत रूप से, तथा स्वयंसेवी संस्थाएं, एनजीओ, धार्मिक-सामाजिक संगठन एवं सामुदायिक समूह संस्थागत रूप से निक्षय मित्र बन सकते हैं। सीएसआर फंड के माध्यम से कंपनियां कॉर्पाेरेट निक्षय मित्र के रूप में सहयोग कर सकती हैं। शासकीय कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों से स्वेच्छा से आगे आकर इस महती कार्य में सहभागिता निभाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि सहायता बड़ी होना आवश्यक नहीं है – प्रतिमाह मूंगफली, दाल, भुना चना, सरसों तेल और तिल जैसा थोड़ा पौष्टिक आहार तथा कुछ समय देना ही पर्याप्त है, क्योंकि उचित पोषण से दवा का प्रभाव बढ़ता है और मरीज को मानसिक संबल भी मिलता है।

अपार आईडी की अद्यतन स्थिति पर चर्चा करते हुए सीईओ ने जिला शिक्षा अधिकारी को कैलेण्डर आधारित कार्ययोजना बनाकर युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अपार आईडी विद्यार्थियों की डिजिटल शैक्षणिक पहचान है, जिसके माध्यम से शैक्षणिक रिकॉर्ड, प्रमाणपत्र एवं अन्य उपलब्धियां व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रहेंगी। विद्यालय परिवर्तन, उच्च शिक्षा में प्रवेश अथवा दस्तावेजों के सत्यापन के समय यह उपयोगी सिद्ध होगी और विद्यार्थियों को बार-बार कागजी अभिलेख प्रस्तुत करने की परेशानी से भी राहत मिलेगी। इस दृष्टि से समस्त विद्यालयों में शेष विद्यार्थियों की अपार आईडी शीघ्र बनाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति, आवेदनों की स्थिति एवं विद्युत व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा भी की गई। अधिकाधिक पात्र हितग्राहियों से आवेदन भरवाने, उन्हें योजना का लाभ लेने हेतु प्रेरित करने तथा लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए सीईओ ने समस्त नगरीय निकाय सीएमओ को योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु निर्देशित किया।


