कोरिया, बैकुंठपुर, कलेक्टर ने कहा-बड़े सपने देखो, 15 साल जी-जान से मेहनत करो, फिर जिंदगी आसान होगी, पोड़ी के स्वामी आत्मानंद स्कूल में विद्यार्थियों से रूबरू हुईं कलेक्टर रोक्तिमा यादव, बोलीं-नौकरी ही करियर नहीं, जुनून से बनता है भविष्य
शैक्षणिक स्तर में अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर प्राचार्य को फटकार
हर शनिवार सामान्य ज्ञान व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के निर्देश
कोरिया, 05 अगस्त 2026 ‘सबसे पहले संकोच करना बंद करें… जो पढ़े हैं, उसके बारे में खुलकर बोलें। जीवन में बड़ा सपना देखें और उसे पूरा करने के लिए ईमानदारी से लगातार मेहनत करें।’ कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बुधवार को पोड़ी के स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए यह बात कही।
विद्यार्थियों के बीच पहुंचीं कलेक्टर ने कुछ देर के लिए खुद को छात्रा और विद्यार्थियों को शिक्षक बना लिया। फिर शुरू हुआ सवाल-जवाब का ऐसा सिलसिला, जिसमें विज्ञान के विद्यार्थियों से विषय संबंधी सवाल पूछे गए तो कला संकाय के विद्यार्थियों से संविधान, मौलिक अधिकार और नीति-निदेशक तत्वों पर चर्चा हुई।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों से कहा कि करियर का मतलब सिर्फ नौकरी पाना नहीं है। जिस काम में रुचि और जुनून हो, उसी क्षेत्र में आगे बढ़ने का लक्ष्य बनाएं। डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, शिक्षक बनने का सपना देखें, लेकिन साथ ही यह भी पता करें कि उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए तैयारी कैसे करनी है। उन्होंने विद्यार्थियों को कंप्यूटर और मोबाइल का उपयोग कर विभिन्न करियर विकल्पों और प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी हासिल करने की सलाह दी।
‘चलिए, आज मैं छात्रा बनती हूं और आप सब शिक्षक’
कलेक्टर ने विद्यार्थियों के साथ संवाद को औपचारिक न रखते हुए कहा ‘चलिए, कुछ देर के लिए मैं इस कक्षा की छात्रा बनती हूं और आप सब शिक्षक।’ इसके बाद उन्होंने विद्यार्थियों से सवाल पूछे। विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों से सरल सवाल कर उनकी समझ परखी, वहीं कला संकाय के विद्यार्थियों से संविधान, मौलिक अधिकारों और नीति-निदेशक तत्वों के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि उत्तर गलत होने के डर से चुप न रहें। बोलेंगे, सवाल पूछेंगे और अपनी बात रखेंगे, तभी आत्मविश्वास बढ़ेगा।
नौकरी ही करियर नहीं, जुनून से बनता है भविष्य’
कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता को पहचानें। कोई डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस, वकील या शिक्षक बनना चाहता है तो वह उस दिशा में अभी से तैयारी शुरू कर सकता है। उन्होंने कहा कि आज मोबाइल और कंप्यूटर के माध्यम से किसी भी क्षेत्र की पढ़ाई, प्रवेश परीक्षा और करियर की संभावनाओं की जानकारी आसानी से हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कृषि को भी करियर का बेहतर विकल्प बताते हुए कहा कि आधुनिक और उन्नत कृषि तकनीकों में विशेषज्ञता हासिल कर युवा बेहतर भविष्य बना सकते हैं। कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता, महत्वपूर्ण यह है कि हम उसे कितनी लगन और विशेषज्ञता के साथ करते हैं।
विद्यार्थियों को समय और मेहनत का महत्व समझाते हुए कलेक्टर ने कहा कि जीवन के शुरुआती वर्षों में यदि पूरी ईमानदारी और लगन से मेहनत की जाए तो आगे का जीवन अधिक सरल, आत्मनिर्भर और बेहतर बनाया जा सकता है।
‘बच्चों को अपने बच्चों की तरह पढ़ाएं, नींव मजबूत करें’
कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा कि वे विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने के उद्देश्य से न पढ़ाएं, बल्कि उन्हें अपने बच्चों की तरह पढ़ाएं और आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों की नींव मजबूत करने की जिम्मेदारी प्रत्येक शिक्षक की है। शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तार्किक सोच, सामान्य ज्ञान और भविष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण विकसित करना भी जरूरी है।
पढ़ाई में कमी मिली तो प्राचार्य को लगाई फटकार
विद्यालय के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने शैक्षणिक व्यवस्था की जानकारी ली। विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए प्राचार्य को फटकार लगाई और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। स्कूली पाठ्यक्रम के साथ उन्हें सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जाए।
हर शनिवार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर होगी चर्चा
कलेक्टर ने विद्यालय में हर शनिवार सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी गतिविधियां एवं चर्चा आयोजित करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न, संभावनाओं और तैयारी के तरीकों की जानकारी देने पर जोर दिया गया।
कलेक्टर की सहज शैली में हुई बातचीत से विद्यार्थियों में उत्साह नजर आया। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि बड़ा सपना देखने में संकोच न करें, लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने के लिए पूरी ईमानदारी व निरंतर मेहनत करें।