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छत्तीसगढ़, कोरिया, खरीफ की बुवाई ने पकड़ी रफ्तार, जिले में 11,151 टन खाद का भंडारण

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अब तक 82.47 प्रतिशत उर्वरक का वितरण; कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने कहा, किसानों को खाद की कमी नहीं होने देंगे, निजी व थोक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की होगी संयुक्त जांच

कोरिया, 03 अगस्त 2026/ मानसून के सक्रिय होने के साथ ही कोरिया जिले में खरीफ फसलों की बुवाई ने रफ्तार पकड़ ली है। बुवाई का रकबा बढ़ने के साथ उर्वरकों की मांग में भी तेजी आई है। किसानों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर निगरानी बढ़ा दी है।

कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खरीफ सीजन में किसी भी किसान को उर्वरक की कमी या वितरण संबंधी परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि जिले में वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने के लिए स्टॉक एवं वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।

11,151 टन खाद का भंडारण, 9,196 टन का वितरण
खरीफ वर्ष 2026 में जिले में रासायनिक उर्वरकों का कुल 11,151 टन भंडारण किया गया है। इसमें से अब तक 9,196 टन यानी 82.47 प्रतिशत उर्वरक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। जिला प्रशासन के अनुसार उपलब्ध स्टॉक और किसानों की मांग के अनुरूप उर्वरकों की आपूर्ति एवं वितरण की सतत समीक्षा की जा रही है।

डीएपी के साथ किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एनपीके, एसएसपी सहित अन्य वैकल्पिक उर्वरक भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को फसल और मिट्टी की आवश्यकता के अनुरूप संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए जागरूक किया जाएगा।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसानों को केवल डीएपी पर निर्भर रहने के बजाय उपलब्ध एनपीके, एसएसपी एवं अन्य उपयुक्त उर्वरकों के उपयोग की जानकारी कृषि विशेषज्ञों के माध्यम से दी जाए, ताकि उर्वरकों का संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग सुनिश्चित हो सके।
निजी और थोक विक्रेताओं की संयुक्त जांच
उर्वरकों की बिक्री में पारदर्शिता और किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को निजी उर्वरक विक्रेताओं और थोक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

निरीक्षण के दौरान उर्वरक के स्टॉक, बिक्री, निर्धारित दर और वितरण व्यवस्था का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जमाखोरी, कालाबाजारी, अधिक कीमत पर बिक्री अथवा वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

किसानों को समय पर और निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराना लक्ष्य
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए उपलब्ध स्टॉक, मांग, आपूर्ति और वितरण की निरंतर निगरानी की जा रही है।

प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसानों को समय पर, निर्धारित दर पर और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो तथा खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित न हो।

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