शहडोल
मध्यप्रदेश एक ओर जहां सरकार जलाशयों की तरफ विशेष ध्यान देकर जल को एकत्रिकरण कर हर गांव में योजनाओं लागू की जा रही है।
वहीं दूसरी ओर गांव के संभ्रांत नागरिक अपने घर का कचरा और पूजन सामग्री से बचा हुआ दूषित पदार्थ जलाशय (तालाब) में छोड़कर गंदगी को बढ़ावा दे रहे हैं।
ग्राम पंचायत चितरांव अंतर्गत जलाशयों में देखा जाए तो सिर्फ एक ही ढंग का तालाब है। उसको भी हमारे ग्रामीण जन साफ सुथरा रखने के बजाय घर का कचरा फेंक कर गंदा कर रहे हैं।

जिसके कारण पानी दूषित हो रहा है, और तालाब की गहराई भी कम हो रही है।
सरकार की योजनाओं के हिसाब से पंचायत ने भी गहरीकरण का काम किया
पर…. गहरा कब तक रहेगा।जब तक कि आमजन अपना सहयोग जारी रखेंगे
जलाशय के पास बने देवी का मंदिर जो कि गांव का मुख मढ़िया है।
सभी की आस्था देवी मां से जुड़ी हुई है।

वही जलाशय का पानी देवी जी के ऊपर चढ़ाया जाता है।
ओर चरणामृत के रूप में प्रसाद हमारे जनमानस पाते हैं।
फिर घरों से निकले हुए फूल दूब एवं दूषित कचरा जलाशय में क्यों प्रवाह करते हैं।
जलाशयों को साफ सुथरा रखना है तो हमें अपनी सोच बदलनी पड़ेगी।
(गणेश सोनी)

