सोनहत/कोरिया।
Report Nilesh Sony
कोरिया जिले में वन विभाग द्वारा कराए जा रहे तालाब निर्माण कार्यों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।

कोरिया जन सहयोग समिति ने प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताओं की आशंका है और कई स्थानों पर नियमों की अनदेखी करते हुए मशीनों के उपयोग सहित विभिन्न प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है। समिति ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

समिति का कहना है कि यदि वन विभाग की विकास योजनाओं में पारदर्शिता नहीं बरती गई और निर्माण कार्य निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं हुए, तो इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका उत्पन्न होती है तथा शासन की जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगते हैं।
समिति ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक विवादित निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।

समिति ने अपने ज्ञापन में यह भी कहा कि यदि प्रशासन समयबद्ध एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित नहीं करता, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन करेगा तथा न्यायालय की शरण लेने के लिए भी बाध्य होगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान समिति के अध्यक्ष पुष्पेंद्र राजवाड़े, कार्यकारी अध्यक्ष अधिवक्ता जयचंद सोनपाकर, वरिष्ठ कानूनी सलाहकार रजा अली अंसारी, कानूनी सलाहकार अधिवक्ता अरविंद सिंह, कानूनी सलाहकार अधिवक्ता संजय साहू, संरक्षक राजन पाण्डेय, उपाध्यक्ष राजू साहू, बालकरण सोनपाकर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

