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एमसीबी, कानून की जानकारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा: स्वामी आत्मानंद विद्यालय में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित विद्यार्थियों को मिले कानूनी अधिकारों, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम एवं नशा मुक्ति के महत्वपूर्ण संदेश

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एमसीबी/27 जुलाई 2026/ जागरूक नागरिक ही सशक्त समाज की आधारशिला होते हैं। इसी उद्देश्य के साथ सोमवार को मनेन्द्रगढ़ स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित नागरिकों को संवैधानिक अधिकारों, विधिक सहायता, साइबर अपराधों से बचाव, सड़क सुरक्षा, बाल संरक्षण, नशा मुक्ति तथा राष्ट्रीय लोक अदालत जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न कानूनी विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल एवं व्यवहारिक ढंग से समाधान किया।


शिविर में तालुका विधिक सेवा समिति, मनेन्द्रगढ़ के अध्यक्ष श्री यशवंत वासनिकर एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री राकेश सिंह सोरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून केवल न्यायालयों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति जागरूकता ही एक सुरक्षित, जिम्मेदार और न्यायपूर्ण समाज की नींव है। उन्होंने विद्यार्थियों को वर्तमान डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सचेत रहने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी, बैंकिंग जानकारी या व्यक्तिगत विवरण साझा करने से बचें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जागरूक, जिम्मेदार एवं कानून का सम्मान करने वाला नागरिक बनाना भी है। उन्होंने ऐसे शिविरों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं सामाजिक चेतना के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। शिविर में अधिकार मित्र अजय विश्वकर्मा (थाना मनेन्द्रगढ़) एवं अंजनी यादव (थाना झगराखांड) ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद नागरिकों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे कोई भी व्यक्ति आर्थिक अभाव के कारण न्याय से वंचित न रहे।


कार्यक्रम के दौरान परिवहन अधिनियम एवं सड़क सुरक्षा पर विशेष चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने की सलाह दी गई। वक्ताओं ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
शिविर में पॉक्सो अधिनियम ( POCSO Act) के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बच्चों के अधिकारों, लैंगिक अपराधों से सुरक्षा तथा किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी बैंक कॉल, केवाईसी अपडेट, निवेश एवं नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी से बचाव के उपाय भी विस्तार से बताए गए।
राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए स्वास्थ्य एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन 14446 की जानकारी भी साझा की गई। साथ ही आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से विभिन्न मामलों का त्वरित, सरल एवं कम खर्च में निराकरण किया जा सकता है। शिविर में उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों को निःशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100 के बारे में भी जानकारी दी गई तथा आर्थिक रूप से कमजोर एवं पात्र व्यक्तियों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की गई।


कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने कानूनी विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त कीं, जिनका विशेषज्ञों ने सहज एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया। पूरे आयोजन ने विद्यार्थियों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने, साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्कता विकसित करने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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