कोरिया, 26 जुलाई 2026
कोरिया जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत महिलाएं अपने पारंपरिक सह कृषि कार्यों से आजीविका में स्थायित्व की तरफ आगे बढ़ रही हैं। सोनहत विकासखंड के आई एफ सी क्लस्टर कठगोड़ी में देशी मुर्गी पालन को बढ़ावा देने की दिशा में एक पहल की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव द्वारा भ्रमण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुरूप कठगोड़ी संकुल स्तरीय संगठन द्वारा आजीविका सेवा केंद्र के ब्रूडिंग सेंटर में देशी मुर्गी के 5 सौ चूजों का तकनीकी तरीके से पालन-पोषण किया जा रहा है।
ब्रूडिंग सेंटर में चूजों को लगभग 28 दिनों तक सुरक्षित एवं पोषणयुक्त वातावरण में विकसित किया जाएगा। इसके पश्चात इन तैयार चूजों का वितरण क्षेत्र के किसानों को किया जाएगा, जिससे उन्हें अपने ही ग्राम स्तर पर गुणवत्तायुक्त देशी मुर्गी के चूजे उपलब्ध हो सकेंगे। इससे ग्रामीण परिवारों को मुर्गी पालन के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भर मजबूत आजीविका को बढ़ावा मिलेगा। ब्रूडिंग पद्धति से चूजों की जीवित रहने की संभावना बढ़ती है और उनकी प्रारंभिक देखभाल बेहतर ढंग से सुनिश्चित होती है।
इस ब्रूडिंग सेंटर का संचालन प्रमिला लखपति दीदी द्वारा किया जा रहा है। पिछले चार माह से वे इस गतिविधि का सफल संचालन कर रही हैं। उनके कुशल प्रबंधन एवं सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप आजीविका सेवा केंद्र को अब तक 35 हजार रुपए से अधिक की आय प्राप्त हो चुकी है। यह पहल महिला सशक्तिकरण का कारगर उदाहरण साबित हो रही है। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।

जिला पंचायत सीईओ श्री योगेंद्र श्रीवास ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत संचालित यह मॉडल भविष्य में क्षेत्र के अधिक से अधिक किसानों को देशी मुर्गी पालन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा एवं आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

