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कोरिया, छत्तीसगढ़, सपनों को मिला संवाद का मंच: ‘ड्रीमर्स-15’ के साथ शुरू हुई “द कलेक्टरस्-15” की प्रेरक यात्रा

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कोरिया, 25 जुलाई 2026/ विद्यालय की चारदीवारी से बाहर निकलकर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास तथा जीवन मूल्यों को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, कोरिया की अभिनव पहल “Beyond the Classroom with the Collector – The Collector’s-15” के अंतर्गत आज प्रथम संवाद सत्र “Dreamers-15” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों, संवाद, संस्कृति और अनुभवों को एक मंच पर जोडने का एक अभिनव प्रयास रहा।

इस अवसर पर संभवतः पहली बार कोरिया जिले में कलेक्टर निवास के द्वार विद्यार्थियों के लिए खुले, जहाँ प्रशासनिक औपचारिकताओं के स्थान पर बच्चों की मुस्कान, जिज्ञासाएँ, सपने और सीखने का उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि कलेक्टर निवास केवल प्रशासनिक निर्णयों का स्थान नहीं, बल्कि जिले के बच्चों के सपनों और संवाद का भी केंद्र बन सकता है।

प्रथम बैच “ड्रीमर्स-15” में जिले के विभिन्न विद्यालयों से चयनित 15 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इनमें बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर, युवा संसद प्रतियोगिता के विजेता, उत्कृष्ट चित्रकार, गायक, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर तथा विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले छात्र-छात्राएँ शामिल थे। विद्यार्थियों का चयन केवल परीक्षा परिणामों के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता तथा सीखने की जिज्ञासा को ध्यान में रखते हुए किया गया।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में नवपदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरिया श्री योगेन्द्र श्रीवास उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने संघर्ष, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा प्रशासनिक सेवा तक की प्रेरणादायक यात्रा साझा करते हुए बताया कि सीमित संसाधन कभी भी बड़े सपनों की राह में बाधा नहीं बनते। इस अवसर पर जिले की प्रेरक शिक्षिका श्रीमती जिज्ञासा दुबे ने भी विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए तथा जीवन में अनुशासन, जिज्ञासा और निरंतर सीखते रहने के महत्व पर प्रेरक संवाद किया।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक भाषणों से नहीं, बल्कि आइस ब्रेकिंग गतिविधियों से हुई। मेरा भारत की जिला युवा अधिकारी सुश्री चहल कुरेशिया द्वारा विद्यार्थियों के साथ विभिन्न रोचक गतिविधियाँ एवं खेल आयोजित किए गए। इन गतिविधियों में कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव एवं जिला पंचायत सीईओ श्री योगेन्द्र श्रीवास ने भी विद्यार्थियों के साथ समान उत्साह से भाग लिया। कुछ ही समय में औपचारिक वातावरण आत्मीय संवाद में बदल गया और बच्चे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने लगे।

संवाद, सपनों, विरासत और पर्यटन का अनूठा संगम बना ‘ड्रीमर्स-15’

कार्यक्रम को केवल करियर मार्गदर्शन तक सीमित न रखते हुए इसे संवाद, सपनों, भारतीय सांस्कृतिक विरासत एवं स्थानीय पर्यटन से जोड़ा गया। प्रथम सत्र की थीम “ड्रीमर्स-15” रही, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों ने बिना किसी संकोच के अपने जीवन के सपनों और भविष्य की योजनाओं को साझा किया। किसी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर का शतरंज खिलाड़ी बनने का सपना व्यक्त किया, किसी ने राष्ट्रीय स्तर का चित्रकार बनने की इच्छा जताई। एक विद्यार्थी ने जापानी गेमिंग स्टूडियो स्थापित कर उद्यमी बनने का लक्ष्य रखा, तो किसी ने चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की बात कही। कुछ विद्यार्थियों ने न्यूरोलॉजिस्ट एवं कार्डियोलॉजिस्ट बनकर समाज की सेवा करने की इच्छा व्यक्त की, वहीं एक विद्यार्थी ने आधुनिक खेती के माध्यम से अपने पिता के व्यवसाय को आगे बढ़ाने तथा माता-पिता की सेवा को अपना सबसे बड़ा सपना बताया।

कार्यक्रम की एक विशेष गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थियों ने कार्यक्रम से पूर्व अपने माता-पिता एवं परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के साथ समय बिताकर उनके संघर्ष, त्याग और सपनों को जाना। संवाद के दौरान बच्चों ने भावुक होकर बताया कि पहली बार उन्हें यह एहसास हुआ कि उनके माता-पिता कितनी मेहनत, त्याग और उम्मीदों के साथ उन्हें शिक्षा दिला रहे हैं। इस अनुभव ने विद्यार्थियों के मन में परिवार के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।

भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ़ टेक्सटाइल के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोक कलाकार सुश्री सफियानो पावले, जिन्हें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान प्राप्त हैं, द्वारा विद्यार्थियों को गोदना आर्ट का प्रशिक्षण दिया गया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला से परिचित कराया गया।

संवाद के उपरांत कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने सभी विद्यार्थियों के साथ आत्मीय वातावरण में भोजन किया। भोजन में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पहचान फरहा सहित उत्तर भारतीय एवं दक्षिण भारतीय व्यंजनों को सम्मिलित किया गया, जिससे बच्चों को भारतीय खान-पान की विविधता के साथ अपनी स्थानीय संस्कृति का भी अनुभव प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल झुमका जलाशय का भ्रमण कराया गया, जिससे वे अपने जिले की प्राकृतिक सुंदरता एवं पर्यटन धरोहर से परिचित हो सके।

इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा-
“हर बच्चे के भीतर एक सपना होता है। हमारा प्रयास केवल उन सपनों को सुनना नहीं, बल्कि उन्हें विश्वास देना है कि वे उन्हें पूरा कर सकते हैं। जब बच्चे खुलकर संवाद करते हैं, अपने परिवार के संघर्षों को समझते हैं, अपनी संस्कृति से जुड़ते हैं और अपने सपनों को शब्द देते हैं, तभी नेतृत्व की वास्तविक शुरुआत होती है। थे कलेक्टर’स-15 केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों, संवाद, विरासत और व्यक्तित्व विकास की एक सतत यात्रा है।”

कार्यक्रम के अंत में प्रत्येक विद्यार्थी को एक स्मृति संदेश भेंट किया गया, जिस पर लिखा था- “सपने बड़े रखो,खुद पर विश्वास बनाए रखो, निरंतर मेहनत करो, असफलताओं से कभी मत डरो, मुझे विश्वास है, एक दिन तुम अपने परिवार, अपने जिले और अपने देश का गौरव बनोगे।”

‘द कलेक्टरस्-15‘ के प्रथम सत्र ने यह संदेश दिया कि यदि बच्चों को सही वातावरण, संवाद का अवसर, प्रेरक मार्गदर्शन, अपनी संस्कृति से जुड़ाव और अपने सपनों को व्यक्त करने का मंच मिले, तो वे केवल सफल विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि भविष्य के जिम्मेदार, आत्मविश्वासी और संवेदनशील नागरिक बन सकते हैं। यह पहल जिले में शिक्षा को कक्षा से बाहर जीवन के अनुभवों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्री जितेन्द्र गुप्ता, डीएमसी श्री संजय सिंह तथा नीति आयोग फेलो श्री इरशाद खान एवं मेरा भारत से चहल कैलाशिया की भी सक्रिय सहभागिता रही। सभी अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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