जयसिंहनगर (शहडोल)। तहसील जयसिंहनगर के ग्राम पंचायत कुदरी में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले में प्रशासन की सख्ती केवल कागजों तक सीमित नजर आ रही है।
नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी द्वारा 29 जून 2026 को जारी बेदखली नोटिस में संबंधित लोगों को 3 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने का स्पष्ट आदेश दिया गया था, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मौके पर अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है।
नोटिस में साफ लिखा गया था कि समय-सीमा समाप्त होने के बाद राजस्व अमला और पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया जाएगा तथा कार्रवाई का खर्च भी संबंधित लोगों से वसूला जाएगा।
लेकिन अब तक ऐसी कोई कार्रवाई दिखाई नहीं दी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रशासन स्वयं 3 दिन की समय-सीमा तय करता है, तो उसके बाद आदेश का पालन क्यों नहीं कराया जाता? क्या सरकारी आदेश केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं?
यदि अतिक्रमण नहीं हटाना था, तो फिर नोटिस जारी करने का उद्देश्य क्या था?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय पर कार्रवाई नहीं करता, तो इससे सरकारी आदेशों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं और अतिक्रमणकारियों के हौसले बढ़ते हैं।
अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर कब शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
विशेष समाचार – बेनी माधव कुशवाहा
(डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर शहडोल)

