वशिष्ठ टाइम्स
ग्राम पंचायत चितरांव के वार्ड क्रमांक 12 में बरसात के मौसम में जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है।

वार्ड के कई घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर जमा होकर लंबे समय तक ठहरा रहता है, जिससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध, कीचड़ और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जो परिवार स्वयं गंदा पानी सड़क पर नहीं छोड़ते, उन्हें भी इस बदहाल व्यवस्था का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत द्वारा नाली मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन कार्य की गति इतनी धीमी है कि बरसात के बीच समस्या और गंभीर होती जा रही है। आरोप है कि कार्य की निगरानी करने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंच रहा, जिससे निर्माण कार्य कछुए की चाल से चल रहा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि गंदे पानी के लंबे समय तक जमा रहने से बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो संक्रामक रोग फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि ग्राम पंचायत को मूलभूत (Basic Grant) तथा 14वें वित्त आयोग के तहत स्वच्छता, नाली निर्माण और जलनिकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए मिलने वाली राशि का उपयोग आखिर किस कार्य में किया गया।
यदि इन मदों की राशि का नियमानुसार उपयोग हुआ होता तो आज वार्ड की यह स्थिति नहीं होती।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर शहडोल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शहडोल तथा जनपद पंचायत जयसिंहनगर से मांग की है कि ग्राम पंचायत चितरांव में मूलभूत एवं वित्त आयोग की मद से हुए कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, व्यय का सामाजिक एवं तकनीकी परीक्षण कराया जाए तथा लापरवाही के दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
वार्ड क्रमांक 12 में तत्काल जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए।
नाली निर्माण एवं मरम्मत कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए।
मूलभूत एवं 14वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग की जांच कराई जाए।
बरसात के दौरान स्वच्छता अभियान चलाकर कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया जाए।
लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों की जवाबदेही तय की जाए।
वशिष्ठ टाइम्स
RNI NO. 2006/23349
विशेष संवाददाता: बेनी माधव कुशवाहा
जयसिंहनगर/शहडोल।

